इटावा। विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस बार की थीम शून्य मलेरिया देने का समय : निवेश, नवाचार, क्रियान्वयन है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले दो साल में जनपद में मलेरिया के 165 मरीज मिले हैं। इस वर्ष मार्च से अब तक 17543 स्लाइड्स में एक भी मरीज नहीं निकला।
सीएमओ डॉ. गीताराम ने बताया कि मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के टीम भावना से काम करने की वजह से जनपद में मलेरिया के केस में कमी आ रही है। जिला मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे ने बताया कि जनपद में मलेरिया की रोकथाम के लिए हर रविवार मच्छर पर वार अभियान के तहत फाॅगिंग कराई जा रही है। मलेरिया का इलाज न किए जाने पर यह जानलेवा हो सकती है।
जिले में वर्ष 2021 में 61 व वर्ष 2022 में 104 मरीज मिले थे। आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्र में जाकर संभावित रोगी की पहचान कर किट से त्वरित जांच कर रही हैं।
यह हैं लक्षण
सिर में तेज दर्द, उल्टी या जी मचलना, ठंड के साथ कंपकंपी और कुछ देर बाद सामान्य हो जाना। कमजोरी और थकान महसूस होना, शरीर में खून की कमी होना, मांसपेशियों में दर्द होना और बुखार उतरते समय पसीना आना।