बकेवर (इटावा)। अब अदेय प्रमाणपत्र दिखाने के बाद ही पुलिस पकड़े गए ट्रकों को छोड़ेगी। एआरटीओ ने इस बारे में सभी थानों को पत्र भेजा है। इसी वजह से करीब डेढ़ महीने से 13 ट्रक थाना में खड़े हैं। हालांकि कोर्ट से ट्रकों को छोड़े जाने के आदेश हो चुके हैं।
एसडीएम ने बताया कि उन्होंने परिवहन, जीएसटी व खनन विभागों से जुर्माना आदि देनदारी को लेकर अदेय प्रमाणपत्र की जानकारी मांगी थी। इन विभागों से अदेय प्रमाणपत्र जारी होने के बाद ही ट्रक छोड़े जाएंगे। गत 24 दिसंबर की रात में भरथना के एसडीएम इंद्रजीत सिंह, सीओ आलोक सिंह ने बकेवर व लवेदी थानों की फोर्स व एआरटीओ के साथ चेकिंग अभियान में लखना चकरनगर मार्ग पर 22 ओवरलोड मौरंग लदे ट्रक पकड़े थे। इनमें 21 ट्रकों पर बकेवर थाना और एक पर लवेदी थाना में पीटीओ अरविंद जैसल ने कार्रवाई कर खड़ा करा दिया था।
ट्रक पकड़े जाने के बाद मालिक कोर्ट से आदेश लेकर आते गए और थाना पुलिस उन्हें छोड़ती गई। गत दिसंबर महीने तक नौ ट्रक कोर्ट के आदेश पर छोड़ दिए गए। एसडीएम भरथना को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एआरटीओ, जीएसटी व खनन विभागों से जुर्माना आदि देनदारी की जानकारी मांगी। इसी के बाद एआरटीओ ने सभी थानों को पत्र लिखा कि जब तक पकड़े गए ट्रकों के मालिक अदेय प्रमाणपत्र न दिखाएं, तब तक ट्रक न छोड़े जाएं।
इधर गत सप्ताह न्यायालय ने आदेश जारी किया था कि पकड़े गए इन ट्रकों का माल जब्त करके खाली ट्रक उनके मालिकों को दे दिए जाएं। 22 में से 13 ट्रक अभी भी थाना परिसर में खड़े हैं। अदेय प्रमाणपत्र के अभाव में थाना पुलिस ने इन ट्रकों नहीं छोड़ा। इस संबंध में थाना पुलिस ने बताया कि एआरटीओ के स्तर से पत्र मिलने के बाद ट्रकों को रोका गया है।
एसडीएम भरथना इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ओवरलोड मौरंग लदे पकड़े गए ट्रकों के बारे में परिवहन, जीएसटी व खनन विभाग से अदेय की जानकारी ली गई है। संबंधित विभागों ने जुर्माना अदा किए जाने से इनकार किया था। लिहाजा अब ट्रक मालिक तीनों विभागों से अदेय प्रमाणपत्र लेंगे। तभी उनके ट्रकों को छोड़ा जाएगा।