फसलों को चट करने में लगे छुट्टा गोवंश
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इटावा। किसानों के फसलों की बर्बादी पर डीएम का आदेश उनके मातहतों को समझ नहीं आ रही है। इस समस्या पर नाराजगी जताते हुए 19 जनवरी को डीएम श्रुति सिंह ने छुट्टा मवेशियों को गोशालाओं में पहुंचाने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक किसी तहसील में इसे लेकर अभियान नहीं शुरू किया गया। हालात यह है कि रबी की फसलें बचाने के लिए किसानों को सर्दी की रात खेतों में गुजारनी पड़ रही है।
जसवंतनगर प्रतिनिधि के अनुसार गोशालाएं होने के बाद भी छुट्टा गोवंश फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इससे आहत किसान बुरी तरह परेशान हैं। किसानों का कहना है कि नीलगायों के झुंड पहले ही फसलों को बर्बाद करते आ रहे थे। परंतु अब छुट्टा गोवंश भी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। गोशालाएं होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी छुट्टा गोवंश को गोशाला में भेजने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। किसानों ने इस विकट समस्या से निजात पाने की मांग की है।
चकरनगर प्रतिनिधि के अनुसार छुट्टा गोवंश चौराहों और खेतों में फसलों के बीच खुले घूम रहे हैं। 19 जनवरी को तहसील सभागार में जिलाधिकारी श्रुति सिंह से छुट्टा गोवंश को लेकर किसानों ने गुहार लगाई थी। जिलाधिकारी ने जिला पशु अधिकारी को तत्काल गोवंशों को गोशालाओं में पहुंचाने का आदेश दिया था।
दो सप्ताह गुजरने के बाद भी चकरनगर क्षेत्र में छुट्टा गोवंश चकरनगर और हनुमंत पुरा चौराहे पर डटे रहते हैं। ये गोवंश दुकानदारों व राहगीरों के लिए मुसीबत बने हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी हनुमंतपुरा डॉ. राहुल शंखवार ने बताया कि हरौली और बरचोली दो गोशालाओं को शीघ्र चालू कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है। छुट्टा गोवंशों को रखने के लिए हमारे पास अभी कोई संसाधन नहीं है।
तहसील स्तर पर गोशालाओं की क्षमता बढ़ाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर नई गोशालाएं बनाई जाएंगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन गोशालाओं में जगह है वहां जानवरों को पहुंचाए। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।
-राजा गणपति आर, मुख्य विकास अधिकारी