इटावा। सिपाही के साथ मारपीट करने के मामले में नामजद आरोपी महिला की संदिग्ध हालात में बुधवार को मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शव रखकर कचौरा रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर एसपी सिटी, एसडीएम सदर और सीओ सिटी कई थानों का फोर्स लेकर पहुंच गए। अधिकारियों के समझाने के बाद भी परिजन मानने को तैयार नहीं थे। परिजन प्रभारी निरीक्षक व चौकी इंचार्ज को निलंबित करने की मांग पर अड़े हैं। रात नौ बजे तक परिजन जाम लगाए थे। देर रात एसएसपी ने चौकी इंचार्ज व सिपाही को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
सिविल लाइन पुलिस ने सात जून को अजय कुमार, उसकी पत्नी सपना देवी, भाई पवन और संदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें ट्रैक्टर रोकने पर एक सिपाही विजय के साथ मारपीट करने और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार दबिशें दे रही थीं। बुधवार को सपना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शाम करीब पांच बजे कचौरा रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर अधिकारियों में खलबली मच गई। एसपी सिटी कपिल देव सिंह, सीओ सिटी अमित कुमार कई थानों का फोर्स लेकर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन प्रभारी निरीक्षक और चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई पर अड़े थे। रात नौ बजे तक परिजन अपनी मांगों को लेकर जाम लगाए हुए थे।
सास सीता देवी ने आरोप लगाया कि उनके बहू सपना ने मंगलवार को पुलिस से प्रताड़ित होकर जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे आगरा ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। बताया कि पुलिस रोज घर पर घुसकर अभद्रता और तोड़फोड़ कर रही थी। इससे पूरा परिवार परेशान था। धरने में परिवार और गांव वालों के साथ भाजपा नेता शिव प्रताप राजपूत व आम आदमी पार्टी के नेता डॉ. शिव प्रताप भी भी मौजूद रहे। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के मामले में नामजद थी। उसकी मौत कैसे हुई है यह पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो सकेगा। एसपी सिटी से रिपोर्ट मांगी है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।