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Etawah News: रजबहा में पानी नहीं, सिंचाई का संकट

Mon, 22 May 2023 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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(फोटो संख्या 18 ) निवाड़ीकला रजवाह की तलहटी में पानी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
निवाड़ीकला। रजबहा में पानी न छोड़े जाने से किसानों के सामने खेतों में सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। एक सप्ताह से निवाड़ीकला और महेवा रजबहा में पानी नहीं है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग समय पर पानी बंद कर देता है।
पिछले दिनों जब गेहूं की कटाई चल रही थी, तब रजबहा में पानी भी चलने की वजह से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ था। गेहूं की कटाई के बाद इस समय ढेंचा, हरे चारे, मक्का और नर्सरी की बुआई की तैयारी चल रही है, इसके लिए सिंचाई की जरूरत पड़ती है, लेकिन रजवाह में पानी नहीं हैं।
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किसान राघवेंद्र, रविकेस, रामअवतार, प्रकाश ओझा का कहना है कि वैसे भी प्रकृति किसानों का साथ नहीं दे रही है। आरोप है कि जब पानी की जरूरत नहीं होती तब सिंचाई विभाग पानी छोड़ता है। इस वजह से फसलों को नुकसान होता है, इन दिनों सिंचाई की जरूरत है लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। कहा कि सरकार किसानों की आय दो गुनी करने को प्रयासरत है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से किसानों को नुकसान पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
किसानों ने बताई परेशानी
(फोटो संख्या 19 ) इसरार। संवाद निवाड़ीखुर्द निवासी किसान इसरार खां ने बताया कि एक सप्ताह पहले निवाड़ी कला रजवाह में पानी था। गेहूं की कटाई के बाद किसान सिंचाई में लग गए हैं, लेकिन पानी बंद हो जाने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। एक सप्ताह और पानी चल जाता तो खेतों की सिंचाई हो जाती। साथ ही हरी खाद के साथ चारे की बुआई भी होने लगती।
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(फोटो संख्या 20 ) कामू शुक्ला। संवाद निवाड़ीकला के ही कामू शुक्ला का कहना है कि गेहूं की कटाई के बाद खेतों में एक बार पानी लगाना होता है। सिंचाई करने से खेत की जुताई में राहत मिलने के साथ- साथ, जो घास फूंस होते हैं वह उग आते हैं। अगली जुताई में उसे आसानी से नष्ट किया जा सकता हैं। इस समय में रजवाह में पानी का होना जरूरी है।
रजबहा में पानी छोड़े जाने के लिए डिमांड भेज दी गई है। इस सप्ताह में पानी छोड़े जाने की पूरी उम्मीद है। प्रदीप चौहान, जेई।
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