इटावा। करीब चार माह बाद प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ने पर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर खांसी, जुकाम से पीड़ित मरीजों को मास्क लगाने की सलाह दे रहे हैं। जिनको दूसरी व तीसरी डोज लगना बाकी है, वह ज्यादा परेशान हैं क्योंकि डेढ़ माह से वैक्सीनेशन बंद है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने छह मरीजों की कोरोना की जांच लिखी। बताया कि दस या इससे अधिक दिनों तक खांसी अथवा बुखार होने पर कोरोना की जांच लिख रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 80 जांचें हो रहीं हैं। सीएमएस डॉ. एमएम आर्या ने बताया कि कोविड डेडीकेटिड अस्पताल सीएमओ की देखरेख में रहेगा। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में कोरोना की रोजाना करीब 20 एंटीजन व कोविड पोस्ट सेंटर पर करीब 35 आरटीपीसीआर व 25 एंटीजन जांच हो रही हैं। आरटीपीसीआर के सैंपल जांच के लिए सैफई भेजे जाते हैं।
बिना वैक्सीन लगवाए लौट रहे लोग
जिला अस्पताल में डेढ़ माह से वैक्सीनेशन न होने की वजह से रोजाना करीब 50 लोग लौट रहे हैं। फार्मासिस्ट प्रमोद शर्मा ने बताया कि ज्यादातर दूसरी और तीसरी डोज लगवाने वाले लोग आ रहे हैं। एसीएमओ डॉ.बीएल संजय ने बताया कि जिले में 25 टीमें कोरोना की जांच कर रही हैं। सभी आठों सीएचसी पर दो-दो यानी 16, शहरी क्षेत्र में सात व रेलवे स्टेशन व बस अड्डे पर एक-एक टीम काम कर रही है।
जिले में कोरोना का कोई केस नहीं: सीएमओ
सीएमओ डॉ. गीताराम ने बताया कि जनपद में इस तरह का कोई केस नहीं है। चार अप्रैल को कोरोना को लेकर लखनऊ में समीक्षा बैठक होनी है। इसमें जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। 11 व 12 अप्रैल मेें किसी एक दिन मॉकड्रिल की जानी है।
वैक्सीन खत्म होने के बारे में कहा कि वह डिमांड भेज रहे हैं। जैसे ही मिलेगी, वैक्सीन लगवाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने लोगों को मास्क लगाने व भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी है।