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आखिरी बचे शावक में भी हरकत नहीं

Thu, 23 Jul 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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शेरों की मौत गाह बन चुकी इटावा लायन सफारी में गुरुवार को आखिरी बचे पांचवें शावक में भी हरकत देखने को नहीं मिली। अनहोनी की आशंका में पूरा दिन लायन सफारी के अधिकारियों के हाथ पांव फूले रहे।
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हालांकि सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है लेकिन शावक में किसी तरह का मूवमेंट नजर नहीं आया।  बीते पांच दिनों में यहां चार शावकों की मौत हो चुकी है। हैरत की बात ये है कि पांच शावकों के जन्म और अब लगातार हो रहीं मौतों के बारे में लायन सफारी और जिला प्रशासन की ओर से कुछ भी कहने से इंकार कर दिया गया है।

शासन की ओर से भी इस पर लगातार चुप्पी पूरे प्रकरण को रहस्यमय बना रही है। लायन सफारी के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि शेरनी ग्रीष्मा के तीसरे शावक के साथ भी अनहोनी की आशंका है। लगातार निगरानी के बाद भी उसमें कोई हरकत देखने को नहीं मिल रही। इससे सफारी प्रशासन सकते में है।
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आलम ये है कि सफारी के अंदर भी अफसर और कर्मचारी इस प्रकरण पर अधिक बात नहीं कर रहे। सभी चुप्पी साधे हुए हैं। मालूम हो कि 18 जुलाई को ईद के दिन शेरनी हीर ने दो शावकों को जन्म दिया था। दोनों ही शावकों की मौत दो दिन के अंदर हो गई। इसके साथ ही दूसरी शेरनी ग्रीष्मा ने 21 जुलाई को तीन शावकों को जन्म दिया था।

इनमें से दो शावकों की मौत जन्म से कुछ देर बाद ही हो गई थी। गुरुवार को तीसरे शावक में कोई हरकत देखने को नहीं मिली। हालांकि अभी तक किसी ने एक भी मौत की पुष्टि नहीं की है।

खास बात ये है कि मीडिया ने इस प्रकरण पर जिलाधिकारी नितिन बंसल से पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने लायन सफारी के अफसरों से बात कर कुछ कह पाने का आश्वासन दिया।

बाद में उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए। बोले, इस प्रकरण पर कुछ नहीं कह सकते। डायरेक्टर केके सिंह का मोबाइल मिलाया गया तो उनके खानसामा ने उठाया। उसने बताया कि साहब यहां पर नहीं हैं।

चार शावकों की मौत के बाद भी अफसर चुप
इटावा। लायन सफारी में एक-एक कर चार नवजात शावकों की मौत के बाद भी संबंधित सारे अफसर चुप्पी साधे हैं। मुख्य वन संरक्षक रूपक डे और डायरेक्टर केके सिंह चुप्पी तोड़ने को तैयार नहीं हैं। डीएम डा. नितिन बंसल ने भी दोनों अफसरों से मीडिया से सामने स्थिति स्पष्ट करने को कहा तो वह बोले कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है।

लायन सफारी को ईद के दिन पहली खुशखबरी मिली जब हीर नामक शेरनी ने दो शावकों को जन्म दिया। लेकिन बाद में पता चला कि जन्म के बाद ही एक बच्चे की मौत हो गई। दूसरे बच्चे ने भी बाद में दम तोड़ दिया। इसके बाद मंगलवार की रात को ग्रीष्मा के दो शावकों की एक साथ मौत हो गई।

उम्मीद जताई गई कि उसका तीसरा बच्चा स्वस्थ रहेगा क्योंकि वह दूध पी रहा है। उसकी सलामती की प्रार्थना भी की जा रही पर गुरुवार को उसमें भी हरकत देखने को नहीं मिली है। बताया जाता है कि गर्भवती शेरनियों की कायदे से देखभाल की जा रही थी। बरेली से भी बड़े बड़े डाक्टरों ने आकर देखा था।

इसके बाद भी किन कारणों से शावक पैदा होने के बाद मर गए। इसका खुलासा करने को कोई भी तैयार नहीं है। कहीं शेरनी के पेट में किसी चीज से संक्रमण तो नहीं हो गया, इस संबंध में भी जानकारी नहीं मिल पाई है।

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली में हुए शावकों के पोस्टमार्टम में फेफड़ों में संक्रमण की बात बताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि एक साथ दो शेरनी के गर्भवती होने की खबरों के बाद से शहर के ही नहीं पूरे प्रदेश की नजर लायन सफारी पर है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट को देखने की सभी की तमन्ना होने लगी थी।

ऐसे में सफारी में एक-एक कर चार शावकों की मौत के बाद लोग भी जानना चाहते हैं कि इनकी मौत कैसे हुई लेकिन छोटी-छोटी बात पर प्रेस कांफ्रेंस करने वाले कुछ नहीं बोल रहे हैं।

इस प्रकरण पर डीएम नितिन बंसल से दखल देने को कहा गया तो उन्होंने अफसरों से बात करने का आश्वासन दिया। बाद में उन्होंने बताया कि दोनों अफसरों से बात की लेकिन उनके पास बताने को कुछ नहीं है। 
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