उदी। मानिकपुर मोड़-ग्वालियर बाईपास पर सुनवारा पुल के पास यमुना नदी में छलांग लगाने वाले ठेकेदार का सोमवार को भी पता नहीं चला। एनडीआरएफ की टीम व गोताखोर दिनभर नदी में तलाश करते रहे।
घटना के तीन दिन बाद भी ठेकेदार का पता न चलने से परिवार के लोग परेशान हैं। शहर के लालपुरा निवासी ठेकेदार मोनू कुशवाह (35) ने मानसिक तनाव के चलते शनिवार देर शाम सुनवारा पुल से यमुना नदी में छलांग लगा दी थी।
इसकी सूचना पार थाना पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने निजी गोताखोर बुलाकर नदी में मोनू की तलाश कराई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। दो दिन तक मोनू का पता नहीं चला, तो रविवार को परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
सुनवारा पुल पर जाम लगाकर नारेबाजी की थी। एनडीआरएफ की टीम के मौके पर पहुंचने पर करीब तीन घंटे बाद परिजनों का गुस्सा थमा था। तब कहीं जाकर जाम खुल सका था।
सोमवार को भी पूरे दिन एनडीआरएफ की टीम व गोताखोरों ने नदी में मोनू की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। थाना प्रभारी के मुताबिक, मंगलवार को फिर मोनू को खोजने के लिए टीमें नदी में उतारी जाएंगी।