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Etawah News: गोशालाओं को बजट देने में ग्राम पंचायतें पीछे

Tue, 07 Feb 2023 12:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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निबाड़ीकला। गोशालाओं में संरक्षित मवेशियों के चारे के लिए राज्य वित्त से पैसा आवंटित करने के आदेश हैं। लेकिन जिले की ज्यादातर ग्राम पंचायतें इसमें रुचि नहीं दिखा रही हैं। इस कारण गोशालाओं की व्यवस्था नहीं सुधर पा रही है।
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आदेश हैं कि फंड से प्रत्येक ग्राम पंचायत 15 प्रतिशत हिस्सा देंगी। इस योजना से प्रति गोवंश चारे का बजट 30 रुपये से बढ़कर 62 रुपये तो हो गया लेकिन बजट न मिलने से अभी भी ज्यादातर गोशालाओं में मवेशियों को पुराने बजट के हिसाब से ही चारा दिया जा रहा है।
जनपद में 471 ग्राम पंचायतें हैं। नगर क्षेत्रों को मिलाकर करीब 100 गोशालाएं हैं। इनमें 10 हजार से अधिक मवेशी संरक्षित हैं। शासन द्वारा चारे के लिए प्रति मवेशी 30 रुपये की राशि मुहैया कराई जाती है। जबकि भूसा और हरे चारे की महंगाई के कारण आए दिन गोशालाओं में पुआल और बाजरे की करब खिलाई जाती है। इस बार प्रशासन ने किसानों से हार्वेस्टर से कटवाए गए धान के अवशेष गोशालाओं में देेने के लिए कहा था। इस पर काफी किसानों ने ऐसा किया। 30 रुपये में गोवंश का पेट भरना कहीं ना कहीं ऊंच के मुंह में जीरे के समान है। इसका दुखड़ा गोशाला संचालक ग्राम प्रधान और सचिव अक्सर रोते रहते हैं।
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इस समस्या को दूर करने के लिए शासन ने पूलिंग फंड बनाने के निर्देश दिए हैं। जिन गांवों में गोशालाएं हैं, उनकी पड़ोसी ग्राम पंचायतों से इस फंड में पैसा लिया जाएगा। जिसके लिए शासन ने ग्राम पंचायतों का क्लस्टर बनाए जाने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन अभी इस आदेश का असर होता नहीं दिख रहा है।


इस प्रक्रिया में पंचायतों से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। एक महीने में लगभग आठ लाख रुपये एकत्र हुए हैं। पंचायतों का अगर सहयोग मिले तो यह योजना सफल हो जाए। - डॉ. मनोज गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
- जिन पंचायतों के खातों में धनराशि नहीं है, उनमें किस्त आते ही बजट जारी कराया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है इसके लिए निर्देशित भी किया गया है। पिछले सप्ताह कई पंचायतों से धनराशि ट्रांसफर भी हो चुकी है। - बनवारी सिंह, डीपीआरओ।
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