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Etawah News: फरवरी में चढ़ा पारा, गेहूं पर संकट गहरा

Tue, 07 Feb 2023 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा/निवाड़ीकला। लगातार बढ़ रहे तापमान से गेहूं की फसल पर संकट है। एक सप्ताह में अधिकतम तापमान 27 डिग्री तक पहुंचने से किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि इससे पैदावार प्रभावित होगी।
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फरवरी की शुरुआत में अमूमन तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। इस तापमान के बीच ही गेहूं की फसल में पौधों और दानों में वृद्धि होती है। पर इस बार पारा 23 से 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में इस बार गेहूं का रकबा करीब एक लाख पचीस सौ हेक्टेयर है। बड़ी संख्या में किसानों को इस बार फसल से अच्छी पैदावार उम्मीद है, लेकिन मौसम के अचानक बदलाव से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरने की आशंका है। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप राणा ने बताया कि मौसम में अचानक गर्माहट आई है। ऐसे में बारिश होने का भी अंदेशा रहता है। किसान अभी धैर्य रखें। यदि बारिश हो गई तो राहत मिलेगी। कृषि जानकार देवेंद्र कुमार ने बताया कि तापमान को तो रोका नहीं जा सकता है, लेकिन लगातार निगरानी से फसल को काफी हद तक नुकसान से बचाया जा सकता है। नमी बनी रहने दें।

खेतों से नमी न होने दें खत्म, पोटाश का करें छिड़काव

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विजय बहादुर जायसवाल ने बताया कि किसान परेशान न हों। सिर्फ खेतों में नमी खत्म न होने दें। इफ्को की 0050 पोटाश खरीदकर छिड़काव करें। दो ग्राम प्रति लीटर या दो किग्रा प्रति एक एकड़ के हिसाब से 15-15 दिन में दो बार छिड़काव करें। छिड़काव करते समय ध्यान रखें कि उस समय खेत में ओस न हो। साथ ही हवाएं भी न चल रही हों।
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भारी नुकसान की आशंका
किसान पंकज का कहना है कि गेहूं के लिए पूरी फरवरी में ठंडक का मौसम मुफीद माना जाता है। इस बार बदलते मौसम के मिजाज से किसान चिंतित हैं। खासकर पछेती गेहूं में गर्म मौसम नुकसान पहुंचा रहा है। यदि आने वाले एक हफ्ते में भी यही हालत रहे तो गेहूं को भारी नुकसान होने की आशंका है।

राजेश ने बताया कि जनवरी खत्म होते ही गर्मी बढ़ने लगी है। इससे गेहूं की फसल बढ़ने की जगह रुकने लगी है। अगर तापमान न बदला तो नुकसान होना तय है। बीते कईं वर्षों से मौसम की वजह से फसलों के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जब पानी की जरूरत नहीं होती तब बारिश हो जाती है।
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