ट्रेन से उतारने के बाद स्ट्रेचर के इंतजार में बीमार उपेंद्र
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डाउन मुरी एक्सप्रेस में एक यात्री की तबियत बिगड़ गई। परिजनों ने कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। इसपर कंट्रोल ने इटावा स्टेशन पर ट्रेन के रोककर यात्री को उपचार दिए जाने के निर्देश दिए। रेलवे डॉक्टर ने यात्री की हालत को गंभीर बता उसे जिला अस्पताल भेजा। अर्ध बेहोशी की हालत में यात्री को स्टेशन के बाहर ले जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो आनन फानन में बुजुर्ग पिता ने उसे गोद में लेकर ट्रैक पार कराया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले गए।
शुक्रवार को 18102 डाउन मुरी एक्सप्रेस के कोच संख्या एस-8 में दिल्ली से इलाज कराकर परिजनों के साथ घर जा रहे यात्री उपेंद्र कुमार(26) पुत्र कृष्णा कुशवाहा निवासी मकरी झारखंड की तबियत बिगड़ गई। उसे सांस लेेने में परेशानी हो रही थी। परिजनों ने तुरंत टीटी द्वारा इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल को दी। कंट्रोल के निर्देश पर ट्रेन के इटावा स्टेशन पहुंचने पर डॉ. कुलदीप पांडेय ने उसका चेकअप किया।
इसके बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने के लिए स्ट्रेचर मांगी। लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला। इसपर उसके पिता ने अन्य यात्रियों की मदद से आनन-फानन में गोद में लेकर उसे ट्रैक पार कराया। इसके बाद आटो से परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। उपेंद्र की पत्नी ललिता ने बताया कि उपेंद्र किडनी की बीमारी का मरीज है। उसका दिल्ली के बीएचयू अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसकी छुट्टी कराकर वह घर जा रहे थे। इस संबंध में रेलवे डॉक्टर कुलदीप पांडेय का कहना है कि वह स्ट्रेचर मंगाने के प्रयास में थे, तभी परिजन उसे गोद में लेकर चल दिए।