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हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी छात्रों के मौत की गुत्थी

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ऊसराहार। थाना क्षेत्र में पेड़ पर फंदे से लटके मिले छात्रों के शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगलवार को थाने पहुुंची। रिपोर्ट में मौत की वजह गर्दन में कसाव से सांस रुकना सामने आया है। सोमवार को परिजनों ने उनके शरीर पर चोट के निशान बताकर हत्या का आरोप लगाया था। पोस्टमार्टम में चोट की बजाय शरीर पर फोड़े-फुंसियां पाईं गईं। हालांकि खुदकुशी की कोई ठोस वजह सामने न आने से परिजन अभी भी हत्या का आरोप लगाकर जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस इनकी मौत को आत्महत्या मानकर छानबीन करने में जुटी है।
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पुलिस भी अभी तक पूरे मामले में हत्या या आत्महत्या के कारण को नहीं खोज पाई है। आकाश के पिता राकेश अपने पुत्र के पैरों मे चोटें होने का दावा कर रहे हैं, जबकि अंकुल के परिजन भी उसकी पीठ पर नीले निशान पड़ने की बात कह रहे हैं। इससे तो मामले में परिजनों के हत्या के दावों को बल मिल रहा है। इस संबंध में थानाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैगिंग है, आकाश के पैरों में फुंसी से खून व मवाद निकलने का जिक्र है। कुछ स्थानों पर धब्बे हैं, लेकिन वे चोट के नहीं हैं। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों को मिली थी धमकी, की गई थी हाथापाई
अंकुल के चाचा अखिलेश यादव ने बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति ने दो दिन पहले ही आकाश और अंकुल को घेरकर हाथापाई की थी। जब इसकी जानकारी अंकुल ने अपने बड़े भाई पंकज के दी तो उसने धमकी देने वाले को उलाहना भी दिया, लेकिन उसने पंकज को भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। अखिलेश ने कहा कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिससे धमकी देने का कारण भीे सामने आए और यह भी स्पष्ट हो कि क्या दोनों को मारकर लटकाया गया था या फिर वे धमकियों से इतने डर गए थे कि प्राणघातक कदम उठाना पड़ा। आकाश के पिता राकेश ने बताया कि उसे और उसके पुत्र को पांच दिन में तीन बार देख लेने की धमकी मिली थी।
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उच्चाधिकारियों को गुमराह कर रही थी पुलिस!
हर किसी के मन में यह सवाल है कि क्या थाना ऊसराहार पुलिस उच्चाधिकारियों को गुमराह कर रही थी। जहां मृतक छात्रों के परिजन घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक हत्या का आरोप लगा रहे थे वहीं थाना पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर को आत्महत्या और किसी के विरोध नहीं करने की जानकारी दी थी। यह बात मीडिया में भी एसएसपी ने बताई थी जबकि आकाश कमल की मां अनुराधा घटनास्थल पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर शव नहीं उठने दे रही थीं। उनका कहना है कि उनके पुत्र के शरीर पर चोटों के निशान और दो दिन से लगातार मिल रही धमकियां स्पष्ट कर रही हैं कि उसकी हत्या की गयी। अंकुल के चाचा अखिलेश और पिता गेंदालाल का कहना है कि पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे अधिकारियों से भी यही आरोप लगाए थे फिर थाना ऊसराहार पुलिस ने कैसे आत्महत्या कह दिया। इन सारे आरोपों के बाद इस बात को बल मिल रहा है कि कहीं हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझे बिना ही आलाधिकारियों को आत्महत्या की जानकारी देकर गुमराह तो नहीं किया जा रहा था।
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