इटावा/बकेवर। बकेवर, लखना, जसवंतनगर क्षेत्र में प्रस्तावित एमआरएफ सेंटर न बनने के कारण निकाय के कर्मचारी अभी भी सड़क किनारे कूड़ा डालकर उसमें आग लगा रहे हैं। इसके कारण लोग परेशान हैं।
बकेवर और लखना नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने के लिए तहसील प्रशासन भरथना की ओर से बकेवर देहात ग्राम पंचायत हर्राजपुर में जगह दी गई है। तहसील प्रशासन की ओर से नगर पंचायत बकेवर के लिए कूड़ा निस्तारण केंद्र लिए जगह भी हस्तांतरित भी कर दी गई थी, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
बकेवर-भरथना मार्ग से एक किमी दूर कंढैया को जाने वाले रास्ते के पास जगह पड़ी है। चकरोड मार्ग से केंद्र तक जाने के लिए जगह तो है लेकिन ट्रैक्टर जाने के लिए रास्ता संकरा है। इसके कारण केंद्र पर निर्माण सामग्री नहीं पहुंच पा रही। ट्रैक्टर जाने के लिए करीबन 15 फीट से कम का रास्ता होने पर आवागमन में समस्या आएगी। इसके कारण उक्त केंद्र का निर्माण नहीं हो पा रहा है। नगर पंचायत बकेवर की जेई राजेश दीक्षित ने बताया निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था। रास्ता न होने के कारण उक्त स्थान पर सामान नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण समस्या आ रही है। दोनों तरफ खेत काफी नीचे हैं। इससे कोई भी वाहन पलट सकता है।
उधर कूड़ा निस्तारण केंद्र न बनने से नगर पंचायत कर्मी सड़क किनारे कूड़ा डालकर उसमें आग लगवा देते हैं। लगभग एक सप्ताह पहले इटावा रेेड पर सड़क किनारे डाले गए कूड़े की आग पड़ोस के खेतों तक पहुंच गई थी। किसानों ने मशक्कत करके आग बुझाई सी। यदि समय रहते किसान न देख पाते तो किसानों की गेहूं की फसल जल जाती।
33 लाख रुपये की धनराशि नहीं हुई खर्च
बकेवर में कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए शासन से भेजी गई 33 लाख की धनराशि पिछले तीन साल से नगर पंचायत के खाते में पड़ी है। शासन की ओर से सभी नगर पंचायत केंद्रों पर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनने के लिए 33- 33 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई थी। वह इस पूरे कार्यकाल में खर्च नहीं हो सकी है।
जसवंतनगर और भरथना में अधर में लटका काम
जसवंतनगर/भरथना। जसवंतनगर और भरथना नगर पालिका में भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाए जाने थे। जसवंतनगर में छिमारा रोड पर एमआरएफ सेंटर लगभग तीस लाख रुपये से बनाया जना था। इसकी शुरुआत भी कर दी गई थी, लेकिन बीते पांच सालों में यहां काम पूरा नहीं हो सका। यही वजह है कि नगर पंचायत अपने नगर का कूड़ा सड़क किनारे पड़वा रही है। कर्मचारी उसमें आग भी लगा देते हैं। बीते तीन दिनों में आग के धुएं से राहगीरों को परेशानी हुई थी। लोगों कहना था कि बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। वहीं भरथना के निनावा बंधारा गांव में 20 लाख रुपये से कूड़ा निस्तारण केंद्र बनना था, लेकिन उसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। (संवाद)