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बारिश में मिलेगी हैंडपंप रिबोर की राशि

Wed, 15 Jun 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
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सूख्‍ाे हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
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भीषण गर्मी में लोग पेयजल संकट से परेशान हैं। जिले में सवा दो हजार हैंडपंप शोपीस बने हुए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट बढ़ गया है। खराब हैंडपंपों में 1700 ऐसे हैं, जिनका रिबोर होना जरूरी है। सरकार ने जिले के तीन विधायकों को 600 नए और रिबोर हैंडपंप लगाने की मंजूरी तो दे दी है लेकिन धनराशि उपलब्ध नहीं कराई है। सवाल ये उठता है कि क्या शासन को बारिश का इंतजार है ताकि लंबे खर्चे से बचा जा सके। जो भी हो लोगों को तो पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
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सरकारी आंकड़ों में करीब 27500 हैंडपंप जिले में स्थापित हैं। इसके बाद भी कई क्षेत्रों में पेयजल संकट बरकरार है। विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के पास सर्वाधिक प्रार्थना पत्र हैंडपंप की मांग को लेकर आ रहे हैं। जल निगम के आंकड़े बताते हैं कि जिले की आबादी के लिहाज से यहां लगे हैंडपंप मानक से ऊपर हैं। इसके बाद भी चकरनगर, बढ़पुरा और कचौरा से जुड़े बीहड़ी गांवों में पेयजल संकट बरकरार है। इस समस्या के पीछे बड़ी वजह भगूर्भ जलस्तर गिरना है। जलनिगम के अभियंताओं के अनुसार तीन मीटर तक पानी नीचे चला गया है। वहीं विगत वर्षों में हैंडपंप की स्थापना में मानकों की अनदेखी की गई। पाइप बचाने के चक्कर में कम बोरिंग कर हैंडपंप स्थापित करा दिए गए। ग्राम पंचायतों ने भी देखरेख में लापरवाही बरती।

जलनिगम विभाग मानता है कि करीब सवा दो हजार हैंडपंप खराब हैं। सरकार ने जिले के इटावा, भरथना और जसवंतनगर विधायकों को 100-100 नए और रिबोर हैंडपंप लगाने के आदेश दिए हैं। लेकिन अभी सिर्फ इस संबंध में शासनादेश जारी हुआ है। धनराशि नहीं मिली है। लोगाें का कहना है कि गर्मी में संकट का समाधान न हुआ तो क्या फायदा। क्या सरकार हैंडपंप के लिए राशि देने को बारिश का इंतजार कर रही है।
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