ताखा। मनरेगा कर्मियों ने लंबे समय से मानदेय भुगतान न होने पर नाराजगी जताते हुए सोमवार को बीडीओ विजय शंकर प्रसाद को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र भुगतान की मांग की है। मनरेगा कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से मानदेय न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है जिससे उनके पारिवारिक कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
मनरेगा कर्मियों ने बीडीओ को मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में कहा है कि मनरेगा के तहत कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी जिले में विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति के साथ-साथ एसआईआर, क्रॉप सर्वे सहित अन्य कार्यों में भी पूरा योगदान दे रहे हैं।
इसके बावजूद विभागीय शिथिलता के कारण जुलाई 2025 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है तथा ईपीएफ की देयता भी लंबे समय से लंबित है। मनरेगा कर्मी सुनील कुमार, गोविंद, राहुल, राजीव, आदेश, बीपी सिंह, पूजा ने बताया कि बीते दीपावली और अब होली के अवसर पर भी वेतन नहीं मिल पाया, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है। कई कर्मियों को कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मानदेय न मिलने से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश और निराशा है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार कार्य कराने के बावजूद मानदेय और ईपीएफ भुगतान न होना वित्तीय अनियमितता है।