इटावा। कोरोना महामारी का असर मनरेगा के कामों पर भी दिख रहा है। पहली लहर में प्रवासियों के लौटने से मनरेगा के गांवों में कुछ तेजी आई थी। इससे वित्तीय वर्ष 20-21 के शुरुआती महीनों में कुछ काम हुए थे लेकिन बाद में स्थिति बदतर हो गई। हालत ये है कि पिछले वित्तीय वर्ष के भी 30 फीसदी तक काम अधूरे पड़े हैं। नए वित्तीय वर्ष की तो कोई कार्ययोजना स्वीकृत ही नहीं हुई है। इस बार काम मांगने के लिए भी मजदूर आगे नहीं आ रहे हैं।
पंचायत चुनावों के कारण प्रत्याशियों ने बाहर रह रहे गांव के लोगों को किराया देकर बुला लिया। चुनाव के बाद से ही लाकडाउन हो जाने के कारण वे अपने अपने गांव में ही फंस गये। कुछ दिनों तक तो प्रत्याशियों के सहारा दिया इसके बाद मुंह मोड़ लिया। जिले में दोनों बार मिलाकर आने वाले प्रवासियों की संख्या लगभग 8000 है। इनमें पंचायत चुनावों में आने वालों की संख्या लगभग 2500 है। अब काम की कमी नहीं है लेकिन डर के मारे मजदूर काम करने निकल ही नहीं रहा। ऐसे में मनरेगा योजना का काम भी अधूरा पड़ा है।
महेवा संवाद प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक की कुल 91 ग्राम पंचायतो में मात्र 07 पंचायतों में ही मनरेगा के तहत कार्य किये जा रहे हैं। इस समय हर गांव में प्रवासी आए हुए हैं। काम के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन न हो पाने के कारण मजदूर काम करने से कतरा रहे हैं।
संसाधन मिलें तभी कराएंगे काम
महेवा। रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया कि हम लोगों का बीमा कवर ,कोविड से बचाव के लिए संसाधन उपलब्ध हों तभी काम कर पाएंगे।
महेवा की सात पंचायतों में ही काम
महेवा ब्लॉक की बहादुरपुरघार ,चन्द्रपुरा ,खितौरा ,नगला शुक्ल ,उरेंग ,लालपुर ,वीरपुर -सलेमपुर ग्राम पंचायतों में ही मनरेगा से गूल सफाई ,समतलीकरण के कार्य कराए जा रहें है। प्रत्येक गांव में 30 से 35 मजदूर लगे हैं ।
चकरनगर में तीन करोड़ के काम अधूरे
चकरनगर। ब्लाक क्षेत्र की 41 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के काम अधूरे पड़े हैं। पंचायत चुनाव के चलते कामों को बंद करवा दिया गया था। ब्लॉक क्षेत्र में लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक के काम अधूरे हैं। इसमें मिनी स्टेडियम डिभौली, संपर्क मार्ग, तालाब खुदाई आदि शामिल हैं।
वर्जन
मनरेगा में काम की कोई कमी नहीं है लेकिन पर्याप्त संख्या में मजदूर नहीं आ रहे हैं। जो भी मजदूर काम करना चाहेगा । उसे काम उपलब्ध कराया जाएगा। मनरेगा मजदूर जितना काम मांगेंगे उतना ही उनके गांव व क्षेत्र का विकास होगा। शौकत अली, उपायुक्त मनरेगा