डीएम से मिलने जाते माकपा नेता।
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थाना चौबिया में टिसुआदेव गांव के 9 किसानों के खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने से माकपा नेताओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि किसान इसके सामने झुकने और डरने वाले नहीं है। बिजली विभाग उन्हें आंदोलन के लिए उकसा रहा है। किसानों का उत्पीड़न प्रदेश सरकार को मंहगा पडे़गा।
माकपा राज्य मंत्रि परिषद सदस्य और उप्र किसान सभा नेता मुकुट सिंह ने मंगलवार को डीएम शमीम अहमद और एसएसपी शिवहरी मीना से भेंट की। इस दौरान माकपा जिला मंत्री अमर सिंह शाक्य और पीड़ित किसान भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि थाना चौबिया में 17 नवंबर 2016 को विद्युत विभाग के जेई मनोज कुमार ने अलग-अलग एफआईआर में रामनरेश यादव, रामनरायन यादव, मंशाराम यादव, जगदीश नारायन यादव, हरीराम यादव, रतना देवी, यादराम यादव, हुकुम सिंह यादव, साहब सिंह यादव को बिजली चोरी के मामले में नामजद किया है। पीड़ित किसान रामनरेश यादव ने कहा कि बकाया के नाम पर कनेक्शन काट कर झूटी रिपोर्ट लिखाई गई है। अधिकारियों से कई बार कहा कि आयोग के अनुसार बिलों में संशोधन करें हम जायज बकाया देने को तैयार हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित किसानों ने कहा कि हम जेल जाने को तैयार हैं लेकिन अवैध वृद्धि अदा नहीं करेंगे। मुकुट सिंह ने कहा कि बिजली अधिकारी अपने किए पर पर्दा डालने के लिए किसानों के पीछे पड़े हैं। बिजली विभाग की जिले भर में निजी नलकूप किसानों पर अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने को इसी तरह के झूठे मुकदमे लिखाने की जानकारी मिली है। उन्होंने शासन और प्रशासन से किसानों का उत्पीड़न रोकने, गिरफ्तारी पर रोक, अवैध वृद्धि और एरियर को वापस कर बिना ब्याज संशोधित बिल भेजने की मांग उठाई। डीएम और एसएसपी ने किसानों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।