इटावा। प्रदेश सरकार तो उद्योगों को बढ़ाना देना चाहती है लेकिन बैंक उद्यमियों को कर्ज देने में ढिलाई बरत रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी जेबी सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने उद्यमियों को प्राथमिकता से कर्ज देने, निवेश पोर्टल
पर लंबित शिकायतों व आवेदनों का निस्तारण करने और जैम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी कलक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु की बैठक ले रहे थे। इसमें उद्यमियों ने कई समस्याएं उठाईं। इस दौरान उद्यमियों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 76 उद्यमियों को कर्ज देने का लक्ष्य है। इसके लिए 128 आवेदनपत्र बैंकों में जमा किए गए हैं। अभी तक बैंकें केवल 33 आवेदनों को स्वीकृति दे पाई है, जिसमें मात्र 10 उद्यमियों को कर्ज मिला है। 35 आवेदन कमियां बताकर वापस कर दिए गए और 55 लंबित हैं । जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों से कहा कि सभी स्वीकृत आवेदनपत्रों के लाभार्थियों को तत्काल कर्ज दिया जाए।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में 28 लक्ष्य के सापेक्ष 87 आवेदनपत्र आए, जिसमें केवल 19 ही स्वीकृत हुए हैं। इन 19 में अभी तक केवल 8 को कर्ज दिया गया है। 46 आवेदन बैंकों में लंबित हैं। कुछ ऐसा ही हाल एक जनपद एक उत्पाद योजना का रहा। इसमें वस्त्र उत्पाद से जुड़े उद्यमियों को 2 करोड़ तक कर्ज देने का प्रावधान है। जिले में 40 उद्यमियों को कर्ज देने का लक्ष्य है, जिसमें 100 आवेदन बैंकों में आए हैं। इन आवेदनों में केवल 28 को ही स्वीकृति दी गई और केवल 14 को अभी तक कर्ज दिया गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में 3820 के सापेक्ष 1550 आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। स्टैंडअप इंडिया समेत अन्य योजनाओं की प्रगति भी निराशाजनक रही। बैठक मेें सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र नाथ शुक्ला, लीड बैंक मैनेजर डीके सिंह, डीसीएनआरएलएम बृजमोहन अंबेड, और उपायुक्त उद्योग मनीष यादव मौजूद रहे।