तालाब की खुदाई करवातीं महिला श्रमिक
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इटावा। चूल्हा और चिमटा संभालने वाले हाथ गृहस्थी की गाड़ी खींचने के लिए फावड़ा चला रहे हैं। लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर मनरेगा के तहत काम करके परिवार का पोषण कर रहे हैं। वहीं ग्रामीण महिलाएं भी मनरेगा के तहत कार्य कर रही हैं।
लॉकडाउन में हजारों प्रवासी श्रमिक बेरोजगार होकर घर लौट आए। स्थानीय प्रशासन ने पलायन रोकने को मनरेगा के तहत गांव में ही रोजगार देना शुरू कर दिया। पुरुष श्रमिक ही नहीं महिलाओं को भी मनरेगा में काम दिया गया। मनरेगा से जल संचयन के कार्य कराए गए। महेवा की 91 ग्राम पंचायतों में 3941 महिलाओं को मनरेगा के तहत काम मिला है। मनरेगा में महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाओं को तालाब सफाई, नाला खुदाई जैसे प्रमुख काम दिए जा रहे हैं।