कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला लालपुरा से दो दिन से गायब अधेड़ का शव नीलकंठ मंदिर के पीछे सीवेरेज प्लांट के तालाब में पड़ा मिला है।
पुलिस इसे महज हादसा मानकर चल रही है जबकि शव जिस अवस्था में पड़ा मिला है उससे लग रहा है कि हत्या करने के बाद शव फेंका गया है। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लालपुरा निवासी राजेश यादव (42) पुत्र बनवारी लाल मंगलवार को घर से अचानक लापता हो गया था। घर वापस न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने उनकी खोजबीन की लेकिन कोई पता नहीं चला।
गुरुवार को लोग जब शौच क्रिया के लिए सीवरेज प्लांट की ओर गए तो उन्हें एक शव तालाब में उतराता हुआ मिला। यह जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो बड़ी संख्या में लोग वहां पर पहुंच गए। बाद में शव की पहचान राजेश यादव के रूप में की गई। जानकारी मिलने पर मृतक का भाई रूप सिंह यादव पुत्र लवकुश तथा सनी भी पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुुंची और शव तालाब से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली के एसएसआई रामवीर सिंह ने बताया कि मृतक शौच क्रिया के लिए गया था तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गया। जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या या हादसा ?
लालपुरा निवासी राजेश यादव की मौत को पुलिस हादसा मानकर चल रही है लेकिन जिस स्थिति में उसका शव तालाब में पड़ा पाया गया है, वे हत्या की ओर इशारा कर रहा है। मोहल्ले के लोग भी हत्या की आशंका जता रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि राजेश जब शौच के बाद पानी लेने के लिए गया तो पैर फिसल गया होगा और और तालाब में गिरने से उसकी मौत हो गई। मृतक पैंट पहने हुए मिला है। लोगों का कहना है कि यदि हादसा हुआ होता तो अंडरवियर और पैंट उतरा हुआ होता। इससे पुलिस की कहानी पर संदेह पैैदा हो रहा है।
दूसरी बात यह कि शौच के समय उसने अपनी चप्पल भी पहनी होगी जबकि उसकी चप्पलें तालाब के किनारे पड़ी मिली हैं। कई मोहल्ले वाले भी राजेश की हत्या की आशंका जाहिर कर रहे हैं। हालांकि कोई भी यह बताने के लिए तैयार नहीं है कि राजेश की हत्या के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?