फोटो संख्या 24 अमर उजाला में 24 जनवरी को प्रकाशित समाचार।
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इटावा। शहर के बलराम चौराहा स्थित डॉ. ममता गुप्ता हॉस्पिटल में बिना मानक के मरीजों की सर्जरी की जा रही थी। जसवंतनगर निवासी रिंकी की यहां पर ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने पेट में पट्टी छोड़ दी थी, जिससे शरीर में संक्रमण फैलने की वजह से उसकी शुक्रवार तड़के मौत हो गई थी। सीएमओ ने तीन डॉक्टरों की टीम गठित कर मामले की जांच की। जांच में हॉस्पिटल के कागजात अधूरे मिले। सीएमओ ने हॉस्पिटल को सील करने के निर्देश दिए हैं।
अमर उजाला में 24 जनवरी को प्रथम पेज पर पेट में पट्टी होने की जांच नहीं हो सकी पूरी, महिला की मौत शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। सीएमओ ने मामले को संज्ञान में लिया और तीन डॉक्टरों की टीम गठित की। टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश यादव, सर्जन डॉ. पीयूष तिवारी व रेडियालॉजिस्ट डॉ. परितोष शुक्ला शामिल थे। टीम ने मामले की जांच की और रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी। सीएमओ डॉ. एनएस तोमर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर में संक्रमण फैलनेे से मौत की पुष्टि हुई है। जांच में पाया गया कि डॉ. ममता गुप्ता हॉस्पिटल सर्जरी के लिए रजिस्टर्ड ही नहीं है। हॉस्पिटल संचालक बाहर से सर्जन को बुलाकर अवैध रूप से मरीजों की सर्जरी कर रहे थे। इस संबंध में डीएम ने भी पैनल बनाया है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।
सिर्फ दवा लिखने की थी अनुमति
सीएमओ ने बताया कि ममता हॉस्पिटल सर्जरी के लिए वैध नहीं था। न ही कभी हॉस्पिटल संचालक ने सर्जरी के लिए सीएमओ से अनुमति ली। सर्जन भी रजिस्टर्ड नहीं थे। हॉस्पिटल मेडिसिन (दवा लिखने) के लिए रजिस्टर्ड है। डॉ. वीके गुप्ता एमडी है, सर्जरी नहीं कर सकते।
सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को लिखा पत्र
सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ अवधेश यादव को पत्र लिखा है। सिविल लाइन थाने में वह उसे जमा करेंगे। थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। इसके बाद वह पुलिस के साथ जाकर डॉ. ममता गुप्ता हॉस्पिटल को सील करेंगे।
लगाए गए आरोप निराधार
डॉ. ममता गुप्ता हॉस्पिटल के संचालक वीके गुप्ता ने बताया कि जसवंतनगर निवासी रिंकी पत्नी नरेश का ऑपरेशन हुआ था और उसने बेटे को जन्म दिया। महिला के पेट में पट्टी छूटने की बात असत्य है।