एसीएमएस टूंडला और फूड इंस्पेक्टर के साथ रेलवे अधिकारियों की टीम ने शनिवार को स्टेशन पहुंचकर जनता खाने की हकीकत परखी। इस दौरान प्लेटफार्म एक पर भोजनालय के स्टोर रूम में सड़ा आलू मिला। भोजन के पैकटों में अनियमितता और सफाई न मिलने पर टीम ने नाराजगी जताई।
टीम ने जनता खाने के पैकेट चेक किए। इसमें लोगों को पूड़ी और सब्जी 15 रुपये मेें उपलब्ध कराई जाती है। इसका निर्धारित वजन 375 ग्राम होता है। टीम को इसका वजन 10 ग्राम कम मिला। मानक से कम भोजन मिलने पर भोजनालय पर 500 रुपये पेनाल्टी लगाई। किचन और स्टोर रूम में फर्श पर कच्चा आलू पड़ा मिला जो सड़ चुका था। इस पर टीम ने भोजनालय के कर्मचारी को फटकार लगाकर आलू फिंकवा दिया।
टीम ने भोजनालय में बिकने वाले अन्य सामानों को भी देखा। पैकेटों की मैन्यूफैक्चरी और एक्सपायरी डेट भी देखी। उन्होंने रेल नीर की सप्लाई बढ़ाने पर जोर दिया। टीम ने भोजनालय के लाइसेंस के बारे में भी जानकारी ली। कर्मचारी के हाथ और नाखून देखे। इसके बाद टीम बुक स्टाल के बगल में स्थित मिल्क स्टॉल पर भी गई। एक और कैंटीन पर पेय पदार्थों की जांच की।
व्यापार चौपट, कैंटीन का लाइसेंस सरेंडर करेंगे
जांच टीम के कैंटीन के लाइसेंस के बारे में पूछने पर प्रबंधक ने बताया कि इसकी वैधता 2020 तक है लेकिन वह अपना लाइसेंस अगस्त में सरेंडर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्लेटफार्म एक पर मालगाड़ी खड़ी होने और मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों के दूसरे प्लेटफार्म पर खडे़ होने से उसका व्यापार चौपट हो रहा है। भोजनालय चल ही नहीं पा रहा है।
जांच टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
जांच टीम में फूड इंस्पेक्टर आरबी सेंगर, सीएमआई इलाहाबाद एसके गुप्ता, सीएमआई इटावा मुकेश मणि, डा. कुलदीप पांडेय शामिल रहे।