इटावा। कारोबार से हारे युवक ने जिंदगी की जंग जीत ली। युवक ने साहस दिखाते हुए न सिर्फ अपनी बल्कि अपनी मां की भी जान बचाई। परिजन ने बताया कि मोमोज की दुकान में नुकसान होने पर मंगलवार शाम मां-बेटे दोनों ने नींद की गोलियां खा ली थीं। इससे दोनों की हालत बिगड़ने लगी। इस पर बेटे हिम्मत नहीं हारी और बेसुध हालत में अपनी बाइक से मां को लेकर समय से अस्पताल पहुंच गया। दोनों की हालत देख अस्पताल का स्टाफ भी हैरत में पड़ गया और तत्काल उनका इलाज शुरू किया जिससे दोनों अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। मामला वैदपुरा थाना क्षेत्र के बिरोली गांव का है
परिजन ने बताया कि बिरोली गांव निवासी साहिल दिवाकर (18) रेलवे स्टेशन के पास मोमोज की दुकान चलाता है। पिछले कुछ समय से दुकान में आमदनी नहीं हो रही थी और नुकसान हो रहा था। इसी बात को लेकर साहिल काफी परेशान रहने लगा था। साहिल के पिता उपदेश दिवाकर ने बताया कि मंगलवार शाम नुकसान को लेकर बेटा नाराज और तनावग्रस्त था। इसी दौरान उसने घर में रखी नींद की गोलियां खा लीं।
कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस बात की जानकारी हुई तो घर में हड़कंप मच गया। बेटे की हालत खराब देखकर उसकी मां विमलेश ने भी नींद की गोलियां निगल लीं। इससे दोनों की हालत बिगड़ने लगी। पिता भी घर पर नहीं थे। ऐसे में साहिल ने जब अपनी मां को अर्ध बेहोशी की हालत में देख तो उसने खुद की भी परवाह न की। किसी तरह न सिर्फ खुद को खड़ा किया बल्कि मां को भी संभालते हुए अपनी बाइक में किसी तरह बैठाया और फिर करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला अस्पताल पहुंचा। जहां पर दोनों का इलाज शुरू किया गया। फिलहाल दोनों खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि यदि साहिल समय से अस्पताल न पहुंच पाता तो शायद दोनों की जान का भी खतरा हो सकता है।
जिला अस्पताल के डॉक्टर राहुल ने बताया कि मां-बेटे दोनों ने चार से पांच गोलियां खाईं थी क्योकि मामला रात का भी था। यदि साहिल ने सही वक्त पर हिम्मत दिखाकर अस्पताल पहुंचने की समझदारी न की होती तो शायद दोनों को नई जिंदगी देना इतना आसान न होता। बुधवार को अस्पताल के जिस वार्ड में दोनों भर्ती थे, वहां सिर्फ उन्हीं की चर्चा होती रही।
पिता उपदेश दिवाकर ने बताया कि कुछ समय पहले तक साहिल की दुकान से करीब सात से आठ सौ रुपये रोजाना की आमदनी हो रही थी लेकिन स्टेशन के पास ही और भी दुकानें हैं। उस पर गर्मी का मौसम चल रहा है। इसकी वजह से आमदनी दो से तीन सौ पर पहुंच गई थी। यही वजह थी कि लागत भी नहीं निकल रही थी और लगातार दुकान से नुकसान हो रहा था। इसको लेकर साहिल तनाव में था।