सफारी के बाड़े में आया आदमखोर तेंदुआ। अमर उजाला
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बहराइच कतर्निया घाट के जंगलों में आतंक का पर्याय बने आदमखोर तेंदुए को सोमवार देर रात को इटावा लायन सफारी में लाया गया। इस तेंदुए ने 11 दिन पहले 11 साल की बालिका को मार डाला था। रविवार को दुधवा फील्ड डायरेक्टर ने संयुक्त अभियान चलाकर तेंदुए को पिंजड़े में कैद किया।
लायन सफारी के डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि कतर्निया घाट के जंगल स्थिति गुलरा गांव की छात्रा पम्मी (11) पुत्री प्रमोद को 11 दिन पहले घर के बाहर शौच के लिए गई थी। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे आदमखोर तेंदुए ने उसे दबोच लिया और मार डाला। इससे पहले भी तेंदुए ने एक मासूम बच्चे को शिकार बनाया था। इससे गांव में दहशत का आलम था। आने-जाने वालों पर हमलावर होने वाले आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए दुधवा फील्ड डायरेक्टर रमेश पांडेय ने वन विभाग व डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन समेत अन्य अधिकारियों के साथ रणनीति बनाई। आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों के साथ पांच थर्मो सेंसर कैमरे व आठ पिंजड़ों को अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया था। रविवार सुबह आदमखोर तेंदुआ वन विभाग के पिंजड़े में कैद हो गया। उसका चिकित्सक परीक्षण करने के बाद सोमवार देर रात का आदमखोर तेंदुआ लायन सफारी पहुंचा।
डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि आदमखोर तेंदुए की उम्र आठ साल है। उसको सात दिन तक अस्पताल में रखा जाएगा। सुबह से अभी तक उसने सिर्फ पानी पीया है। हालांकि उसके पानी पीने से नार्मल लग रहा है। सात दिन बाद आदमखोर तेंदुए को बाकी के तेंदुए के बाड़ों के बगल में रखा जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस तेंदुए को दर्शकों को सामने प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। इससे सफारी में तेंदुओं की संख्या चार हो गई है। इससे पहले सफारी में तीन तेंदुए लखनऊ से लाए गए थे।
डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि आदमखोर तेंदुए के ऊपर नीचे जबड़े के कैनाइन दांत टूटे है। इससे लग रहा है कि उसने कोई ठोस चीज को दांतों से चबाया है, जिससे उसके दांत टूटे हैं। इससे उसको परेशानी भी हो रही है। हालांकि उसका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है।