इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो रेनू सिंह ने सोमवार को भाई की पत्नी को जलाकर मारने वाले जेठ को उम्रकैद सुनाई है। कोर्ट ने मरने से पहले विवाहिता के जेठ व ननद पर मिट्टी का तेल डालकर जलाने के बयान को अहम माना है। घटना के समय ननद के नाबालिग होने से उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है। कोर्ट ने दोषी जेठ पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 30 हजार रुपये रीतू के आश्रित को देने के आदेश दिए हैं।
चौबिया थाना क्षेत्र के डवा गांव निवासी ट्रक चालक सुखवीर उर्फ बंटू की पत्नी रीतू (27) को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया था। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ा था। राज्य सरकार की ओर से मामले के पैरवीकर्ता शासकीय अधिवक्ता दंड वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि इकदिल थाना क्षेत्र के पिलखर गांव निवासी रीतू के भाई दिनेश कुमार यादव पुत्र हाकिम सिंह ने 11 अगस्त 2017 को चौबिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी बहन की शादी 11 फरवरी 2009 को हुई थी।
शादी के बाद से ही बहन का पति सुखवीर, जेठ ग्रीश, ननद व तीन अन्य ससुराल वाले पांच लाख रुपये व एक गाड़ी के लिए प्रताड़ित करते थे। उसकी बहन को 10 अगस्त 2017 को सुबह 6 बजे के करीब मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया। उसे खबर मिली तो वह बहन की ससुराल पहुंचा। झुलसी हुई अवस्था में रीतू को सैफई पीजीआई में भर्ती कराया। अगले दिन सुबह उसकी मौत हो गई।
रीतू के मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किए गए थे। इसमें उसने जेठ व ननद का नाम लेते हुए जलाकर मारने की बात कही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के समय उसका पति सुखवीर घर पर नहीं था। वह ट्रक लेकर गया हुआ था। तीन अन्य आरोपी ससुराल वाले भी घटना में शामिल नहीं पाए गए। इस पर पुलिस ने जेठ ग्रीश व ननद के खिलाफ कोर्ट में धारा 302/34 के तहत आरोपपत्र प्रस्तुत किया। ननद की पत्रावली नाबालिग होने की वजह से किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।
कोर्ट ने मृत्यु पूर्व बयान और अन्य साक्ष्य व गवाहों के आधार पर ग्रीश को हत्या का दोषी पाया। सोमवार को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। सरकारी वकील ने बताया कि रीतू के एक बेटी है जो घटना के समय तीन साल की थी। कोर्ट ने मृतका के आश्रित को 30 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।