इटावा। फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज रेनू सिंह ने हत्या का दोषी पाते हुए मृतक के भाई और दोस्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन दोनों ने करीब ढाई साल पहले अविवाहित युवक की हत्या करके शव को दतावली नहर में फेंक दिया था। हत्या की वजह मृतक से भाभी का लगाव रहा था।
राज्य की ओर से मामले के पैरवीकर्ता शासकीय अधिवक्ता दंड वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि मामला फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र का है। इसी थाना क्षेत्र के तुलसी अड्डा मोहल्ला निवासी राजेश कुमार शर्मा पुत्र राधेश्याम शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने 15 साल पहले अपनी बहन सुनीता की शादी मैनपुरी जिले के कुर्रा थाना क्षेत्र के भांथी (भौती) गांव के सतीश पुत्र रामबहादुर से की थी। बहन को अपने अविवाहित देवर से लगाव था। इसी बात को लेकर बहन के पति व देवर के बीच झगड़ा होता रहता था। यही नहीं उसकी बहन को भी सतीश ने मायके भेज दिया था। 6 अगस्त 2017 को ग्रीश और भौती गांव का ही उसका दोस्त सुनील पुत्र रामऔतार उसके तुलसी अड्डा घर पर आए। उसके बाद बहन का पति सतीश भी आ गया। रात करीब साढ़े नौ बजे तीनों लोग बसरेहर क्षेत्र के मूंज गांव जाने की बात कहकर निकल गए।
राजेश के मुताबिक उसे बाद में पता चला कि सतीश व सुनील ने ग्रीश की हत्या करके शव को गौरापुरा गांव की ओर जाने पट्टी पर दतावली नहर में फेंक दिया है। इस पर राजेश ने फ्रेंड्स कालोनी थाना में सतीश व सुनील के खिलाफ धारा 302/34 व 201 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। थाना पुलिस ने कोर्ट में धारा 302 व 201 में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। मामले में कोर्ट मुहर्रिर सर्वेश कुमार ने भी अहम भूमिका निभाई। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर दोनों धाराओं में सतीश व सुनील को दोषी पाया। शनिवार को कोर्ट ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 60-60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।