इटावा। विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती कोर्ट आलोक कुमार श्रीवास्तव ने पांच साल पुराने चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या किए जाने व दो लोगों को घायल करने के मामले अनुराग दुबे को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 42 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं, कोर्ट को जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं, इस मामले में परिवार के चार लोगों को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
सैफई थाना क्षेत्र के गांव ललखौर में जमीन के बंटवारे के विवाद में अरविंद दुबे की 30 अक्तूबर 2020 को खेत पर काम करते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों की ओर से की गई फायरिंग में उनकी पत्नी मिथलेश दुबे व पुत्र अतुल दुबे भी घायल हो गए थे। मृतक के साले पंकज पांडे निवासी तपा की नगरिया थाना करहल ने परिवार के ही उमाकांत दुबे, अंशुल दुबे, अनुराग दुबे ,अक्षय दुबे व जूली दुबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने छानबीन के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बाद में इन लोगों को जमानत मिल गई। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती कोर्ट में मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर उमाकांत, जूली देवी, अक्षय दुबे व अंशुल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी लेकिन अनुराग दुबे कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ।
कोर्ट ने उसकी पत्रावली अलग कर दी और पुलिस को उसे गिरफ्तार कर हाजिर करने के आदेश दिए। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया था जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। मंगलवार को कोर्ट ने अनुराग दुबे को दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा व 42 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट को जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।