इटावा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनीता विमल ने बालिका से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह रकम बच्ची के पुनर्वास पर खर्च की जाएगी। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
यह घटना चार माह 10 दिन पहले 10 जनवरी 2026 को बसरेहर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। सात साल की बालिका घर के बाहर खेल रही थी। इसी दाैरान पड़ोस में रहने वाला प्रशांत कुमार उसे पैसों का लालच देकर अपने घर ले गया। वहां उसने बालिका को कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया था। बालिका ने रोते हुए घर आकर मां को घटना बताई।
बालिका के माता-पिता उसे लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्रशांत कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। छानबीन के बाद पुलिस ने घटना के 10 दिन बाद ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। शनिवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रशांत कुमार को दोषी ठहराया।