शहर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय पर महिला सप्ताह के तहत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस मौके पर शहर परियोजना की प्रभारी ऊषा चौहान ने कहा कि आज महिलाएं पुरुषों के बराबर सक्षम हैं।
हर क्षेत्र में बराबरी का दर्जा प्राप्त कर रही हैं लेकिन परिवार व घर के सदस्यों के सहयोग के बगैर महिलाएं न तो घर की चहारदीवारी के बाहर आ सकती हैं और न ही सामाजिक कार्यकलापों में भागीदारी कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने लड़के-लड़कियों में समानता का व्यवहार अपनाने पर बल दिया।
इस दौरान सुपरवाइजर अंजू राठौर, सुषमा गुप्ता, अनीता दुबे, गार्गी तिवारी, देवकी, स्नेहलता, मीरा देवी, आशा श्रीवास्तव आदि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।