फोटो 24::पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। स्रोत पुलिस
- आरोपी रिटायर्ड वन दरोगा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सराय ऐसर का निवासी है
- आरोपी के बेटे ने पुलिस में दर्ज कराई थी शिकायत, आरोपी व प्रेमिका गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। एक रिटायर्ड वन दरोगा सेवाराम ने प्रेमिका के साथ मिलकर अपनी मृत पत्नी के नाम पर दर्ज करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश रची। शातिर खेल का पर्दाफाश रिटायर्ड दरोगा के ही बेटे की सजगता से हुआ जिसके बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड सेवाराम और उसकी प्रेमिका मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया।
सराय एसर निवासी रिटायर्ड वन दारोगा सेवाराम ने पत्नी सुमन देवी के निधन के बाद उनके नाम से दर्ज करीब 12.5 बीघा कृषि भूमि और कई कीमती प्लॉट, जिनकी कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है, पर नजर गड़ाई। उसने अपनी प्रेमिका मीना देवी, जो मैनपुरी की रहने वाली है को सुमन के रूप में पेश करने की साजिश रची।
इसके लिए सेवाराम ने मीना देवी के फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए। 2022 से 2024 के बीच आरोपी ने मृत पत्नी के नाम की संपत्तियों का फर्जी दस्तावेजों से धोखाधड़ी कर प्रेमिका के नाम पर नामांतरण कराया फिर करोड़ों की जमीन अलग-अलग खरीदारों को बेच दी। पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब सेवाराम के बेटे अनिल कुमार को अपने पिता की गतिविधियों पर संदेह हुआ।
इस दौरान उसे पता चला कि उसकी मां के नाम की जमीनें बिक चुकी हैं। अनिल कुमार ने अगस्त 2025 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कड़ियां जोड़ते हुए इस बंटी और बबली जैसी जोड़ी को मोती चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बड़ी ही चालाकी से दस्तावेजों में हेरफेर किया था। अब कोर्ट के आदेश के अनुसार जमीन के मालिकाना हक और फर्जी बैनामों पर फैसला लिया जाएगा। यह घटना जालसाजी और रिश्तों के दुरुपयोग का एक कड़वा उदाहरण है, जिसने कानून के लंबे हाथों की महत्ता को फिर से साबित किया है।