इटावा। जिला अस्पताल परिसर में बने कोविड कोविड-एल-टू अस्पताल में आखिर कार सुधार हो ही गया। शनिवार को 14 वेंटिलेटर चालू कर मरीजों को प्रथम तल से तीसरे तल पर शिफ्ट कर दिया गया। आने वाले मरीजों के लिए नीचे स्ट्रेचर रखवाने के साथ कोविड अस्पताल के रास्ते पर बैरियर लगाकर अस्थायी पुलिस चौकी भी बना दी गई है। वार्ड में तीमारदारों की भीड़ भी रोक दी गई है। मरीज का हाल जानने के लिए एक तीमारदार केवल दो बार जा सकेगा।
200 बेड के कोविड अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते कई मरीजों की जान चली गई। इलाज, ऑक्सीजन सिलिंडर और दवाएं न मिलने से नाराज तीमारदारों ने हंगामा और तोड़फोड़ तक की। गंभीर मरीज रेफर किए जाते रहे और 18 वेंटिलेटर एक कमरे में बंद रखे थे। अमर उजाला ने वेंटिलेटरों बंद कमरे में रखे होने और अव्यवस्थाओं की खबरों को लगातार प्रकाशित किया। भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया और विधायक सरिया भदौरिया ने भी अस्पताल का निरीक्षण कर शुक्रवार को नाराजगी जताई। इससे शनिवार को 14 वेंटिलेटर चालू कर मरीजों को पहली मंजिल से तीसरी मंजिल पर भेज दिया गया। एक गंभीर महिला मरीज को वेंटिलेटर पर भी लगाया गया। साफ-सफाई भी ठीक दिखाई दी। डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टॉफ भी मुस्तैदी के काम करता दिखाई दिया।
अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मरीज के एक तीमारदार को अस्पताल की तरफ से कार्ड जारी किया जाएगा। यह कार्ड दिखाकर ही तीमारदार सुबह और शाम मरीज के पास जाकर उसका हाल जान सकेगा। डॉक्टर और कर्मचारी मरीज की देखभाल करेंगे। अस्पताल में तीमारदारों की भीड़ कम करने का मकसद संक्रमण को फैलने के रोकना है।
चार वेंटिलेटर पड़े खराब
अस्पताल में शासन की तरफ से 18 वेंटिलेटर भेजे गए थे। इनमें से चार वेंटिलेटरों में कुछ न कुछ खराबी आ गई है। इस कारण इन्हें अभी नहीं लगाया जा सका है। अफसरों की मानें तो जल्द ही इन वेंटिलेटरों को ठीक करा लिया जाएगा।
तीन ऑपरेटरों के भरोसे 14 वेंटिलेटर
14 वेंटिलेटरों को चलाने की जिम्मेदारी तीन ऑपरेटरों पर है। ऑपरेटर आउट सोर्सिंग से रखे गए हैं। अधिकारियों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि 14 वेंटिलेटर तीन ऑपरेटर कैसे ऑपरेट करेंगे। एक ऑपरेटर अधिक से अधिक दो वेंटिलेटरों को ऑपरेट कर सकता है।
पोर्टिको में रखे स्ट्रेचर
अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए तीमारदारों को स्ट्रेचर व व्हील चेयर के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था। शनिवार को स्ट्रेचर व व्हील चेयर बाकायदा अस्पताल के पोर्टिको के नीचे लाइन के खड़े दिखाई दिए। ताकि किसी को स्ट्रेचर या व्हील चेयर के लिए भटकना न पड़े।
बैरियर लगाए, बनाई अस्थायी पुलिस चौकी
एल-टू अस्पताल में आए दिन बवाल और तीमारदारों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर अस्पताल रास्ते पर बैरियर लगा दिए गए हैं। अस्थायी पुलिस चौकी भी बनाई गई है। चौकी में एक दरोगा व एक महिला सिपाही समेत तीन पुलिसकर्मियों व होमगार्डों की ड्यूटी 24 घंटे रहेगी। सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। वाहन अंदर नहीं जा सकेंगे।
रंग लगाई एसडीएम की मेहनत
डीएम श्रुति सिंह ने एल-टू अस्पताल की व्यवस्थाओं को ठीक करने के लिए जसवंतनगर एसडीएम व तहसीलदार को भी लगाया था। एसडीएम नंद प्रकाश मौर्या नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ डॉ. भगवान दास पर नजर रखे हैं। एसडीएम के प्रयास से अस्पताल में ऑक्सीजन की लाइन बिछाने के लिए गैर जिले से सामान मंगाया गया। टेक्नीशियन आए और वेंटिलेटरों चालू हो गए।