इटावा। कोरोना महामारी से बचने की एकमात्र तरीका सोशल डिस्टेंसिंग है, लेकिन लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसा तब
है जब दूसरे प्रदेशों और शहरों से हजारों लोग जिले के नगरों और गांवों तक आए हैं। ऐसे लोगों के भी होने की आशंका है जो
दिल्ली की जमात से लौटे लोगों के सपंर्क में आए हों। इसके बावजूद लोग बेफिक्र हैं, मुफ्त राशन वितरण में मंगलवार को ज्यादातर
कोटेदारों और कार्डधारकों ने संक्रमण से बचने के लिए सतर्कता नहीं बरती। दोपहर में अधिकारियों के पहुंचने पर कुछ जगह व्यवस्था हुई लेकिन तब तक कई उपभोक्ताओं को राशन बांटा जा चुका था।
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से बुधवार से राशन वितरण शुरू किया गया। सभी अंत्योदय राशनकार्ड धारकों के अलावा मनरेगा
जॉबकार्ड धारकों और श्रमविभाग व निकायों में पंजीकृत मजदूरों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। अन्य पात्र गृहस्थी राशनकार्ड
धारकों को निर्धारित मूल्य पर राशनकार्ड में दर्ज यूनिट के हिसाब से राशन मिलना है। राशन लेने दुकानों पर गए लोगों ने मुफ्त के
चक्कर में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखा। उपभोक्ता एक-दूसरे से सटकर लाइन में लगे और ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने
से पहले साबुन से हाथ भी नहीं धोए। ज्यादातर दुकानों पर साबुन या हैंडवाश की व्यवस्था ही नहीं थी।
शहर के फ्रेंड्स कॉलोनी की दुकान पर दोपहर करीब 11:45 बजे दुकानदार ने लाभार्थी ममता को आवाज लगाई। ममता ने मग से थोड़ा सा पानी हाथ में
डाला, फिर अपनी ही धोती में पोंछ लिया। इसके बाद ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगा दिया। कटरा साहब खां स्थित ताहिरा खान और इसी मोहल्ले की शीला देवी की दुकान पर हाथ धोने के लिए पानी तक नहीं था। कटरा शमशेर खां में आशाराम की दुकान पर हाथ धोने के लिए पानी तक नहीं था। मड़ैया ख्यालीराम स्थित माधुरी की दुकान पर केवल पानी रखा था। कटरा साहब खां और मड़ैया ख्याली राम की दुकानों मेें लाइनें में लोग सटकर खड़े थे। ज्यादातर लोग मुंह भी नहीं ढके थे।
संवाद प्रतिनिधि उदी के अनुसार बढ़पुरा ब्लॉक के भटपुरा गांव स्थित जय श्रीराम की दुकान पर लोग सटकर खड़े थे। यहां साबुन और सैनिटाइजर भी नहीं
था। प्रधान प्रमोद यादव ने बताया कि गोले लोगों ने मिटा दिए हैं। संवाद प्रतिनिधि निवाड़ीकला के अनुसार महेवा ब्लॉक उरैंग में दोपहर तक वितरण शुरू नहीं हुआ। लोग एक दूसरे से सटकर बैठे रहे। कोटेदार लखपति सिंह ने बताया कि ई-पास मशीन खराब हो गई है। संवाद प्रतिनिधि महेवा के अनुसार दोपहर बाद बीडीओ सतीश कुमार पांडेय और एडीओ पंचायत श्याम वरन राजपूत ने कुछ दुकानों का निरीक्षण किया।
उपभोक्ताओं को भारी पड़ सकती है लापरवाही
राशन लेते समय सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना और ठीक से हाथ धोना इसकी जिम्मेदारी राशनकार्ड धारकों की भी है। सभी
कार्डधारकों को घर से बुलाकर राशन दिया जाएगा, इसलिए कार्डधारक दुकानों पर झुंड में न जाएं। केवल पांच-पांच लोग ही
जाएं। दूर-दूर खड़े हों और अपनी बारी आने पर पहले साबुन से ठीक से हाथ धोएं। अगर कोटेदार ने साबुन की व्यवस्था नहीं की तो राशन लेने से मना कर दें। राशन लेने के बाद घर जाकर दरवाजे, खिड़की, पलंग, किसी को न छुएं। राशन ऐसे जगह रखें, जहो उसे कम से कम दो दिन कोई हाथ न लगा सके। हाथ साबुन से धोएं, सभी कपड़े गर्म पानी में धोकर साबुन से ठीक से नहाएं, इसके बाद ही किसी को छुएं। ऐसा न करने से आपके घर कोरोना जैसे महामारी पहुंच सकती है।
राशन दुकानों पर इन नियमों का होना है पालन
1. दुकान पर एक बार में अधिकतम पांच कार्डधारक ही बुलाए जाएं।
2. पांच लोगों के बीच भी एक-एक मीटर की दूरी जरूरी है।
3. ईपॉस मशीन पर अंगूठा लगाने से पहले साबुन से कार्डधारक हाथ धोए।
4. दुकान पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति माक्स या कपड़े से अपना मुंह ढक रहे।
5. राशन तौलने वाला कार्डधारक के झोले में डालने के बाद हाथ धोए।
फोटो संख्या 23: जिलाधिकारी जेबी सिंह।
परेशान न हों, सभी को मिलेगा राशन : जिलाधिकारी
जिलाधिकारी जेबी सिंह ने कहा कि प्रत्येक कार्डधारक को घर से बुलाकर राशन दिया जाएगा, कोई परेशान न हो। सभी के लिए
राशन आया है। राशन दुकानों पर भीड़ न लगाएं, अगर भीड़ मिली तो कोटेदार के साथ कार्ड धारकों पर भी मुकदमा दर्ज कराया
जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी कोटेदार से अंत्योदय, मनरेगा कार्डधारक, श्रमविभाग और निकायों में पंजीकृत मजदूर से
राशन का पैसा लिया और कम राशन दिया तो 3/7 का मुकदमा दर्ज करा कोटा बर्खास्त कर दिया जाएगा। भले ही पूरी महीने
राशन बांटना पड़े प्रत्येक व्यक्ति को पूरा और नियमानुसार राशन मिलना चाहिए।