फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों को एक देश एक बाजार भाव की है जरूरत

विज्ञापन
फोटो संख्या 22 भरथना के नगला भोज में वामपंथी दलों के विरोध सप्ताह में पूर्व अध्यक्ष नाथूराम यादव न - फोटो : ETAWHA
विज्ञापन
भरथना। केंद्र व प्रदेश सरकार की किसान व गरीब जनता विरोधी नीतियों के कारण खेती लगातार घाटे का सौदा होती जा रही है। किसानों को एक देश एक भाव की जरूरत है। इसके लिए हम सभी को मिलकर आंदोलन चलाना होगा। यह बात शनिवार को वामपंथी दलों के देश व्यापी विरोध सप्ताह के अंतर्गत नगला भोज में आयोजित जनचर्चा के दौरान किसान सभा इटावा के पूर्व अध्यक्ष नाथूराम यादव ने कही।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि भरथना कस्बे सहित पूरे इलाके में बिजली व्यवस्था बदहाल है। जिम्मेदार अधिकारी मोबाइल स्विच ऑफ कर लेते हैं। सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार है। यूरिया के लिए किसान दर दर भटक रहा है। उन्होंने कहा कि आज किसान की फसल मिट्टी के मोल जा रही है। देश को एक देश एक बाजार नहीं एक देश एक भाव की जरूरत है। उन्होंने नये मंडी कानून, श्रम अध्यादेश आदि जनविरोधी नीतियों को तत्काल वापस लेने की मांग की।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष रामप्रकाश गुप्ता ने कहा कि लाकडाउन की आड़ में आज सरकार किसान मजदूर और गरीबों पर चौतरफा हमले कर रही है। उन्होंने निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर 26 अगस्त को भरथना तहसील पर पहुंचने की अपील की। सभा की अध्यक्षता लाल सिंह यादव ने तथा संचालन किसान सभा के मंडल मंत्री आपेन्द्र कुमार ने की। सभा को अनिल दीक्षित, वीरेन्द्र सिंह यादव, अरविंद कुमार यादव, शिवराम सिंह, दुर्गविजय सिंह शाक्य ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन

यूरिया का संकट पैदा कर रहे मुनाफाखोर
इटावा। किसान सभा के प्रदेश महामंत्री मुकुट सिंह ने यूरिया खाद की कमी और बिजली की कटौती कड़ी आलोचना करते हुए आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया।
मुकुट सिंह ने कहा कि यूरिया संकट कार्पोरेट के पक्ष में नीतियों के झुकाव का परिणाम है। कोराना की आड़ में खादों की कमी कृत्रिम है। यह देशी विदेशी बड़ी कंपनियों का मुनाफाखोरी का हथकंडा है। उप्र में देशभर से बिजली महंगी है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें