सोमवार को इटावा रेलवे स्टेशन पर जिस स्थान पर डाउन ट्रेक टूटा पाया गया उस स्थान पर बैल्डिंग के कमजोर होने की जानकारी पहले से ही रेल अधिकारियों को थी। रेलवे सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पूर्व ही ट्रेक की अल्ट्रासोनिक मशीन से जांच हुई थी। इस जांच में मशीन ने साफ कर दिया था कि ज्वांइट कमजोर है और इस स्थान पर ट्रेक में बहुत ही बारीक से चटक भी है। जांच के बाद जांच दल ने इस स्थान पर लाल रंग से निशान भी लगा दिया था। इसके बाद जोड़ पर रेलवे के द्वारा ब्रेकिट भी लगवाकर पटरी को कस दिया गया था लेकिन लापरवाही यह रही कि ट्रेक का जोड़ कमजोर होने के बाद भी इस जोड़ क ो टूटने से पहले पूरी तरह से फिट नहीं किया गया।