(फोटो संख्या 16) मैनपुरी अंडर पास में भरा बारिश का पानी। संवाद
(फोटो संख्या 17) जिला अस्पताल परिसर में जलभराव का नजारा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। एक सप्ताह से भीषण गर्मी से बेहाल लोगों को शुक्रवार की सुबह हुई जोरदार बारिश की वजह से काफी राहत मिली। इस वजह से अधिकतम तापमान में छह डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। दिन भर हवाएं चलतीं रहीं और हल्की बदली रहीं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री था, जो शुक्रवार को घटकर 36 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा।
जोरदार बारिश की वजह से शहर में कई जगह जलभराव का नजारा देखने को मिला। मैनपुरी अंडर पास में जलभराव हो गया। जबकि जिला अस्पताल परिसर में चारों ओर जलभराव का नजारा दिखाई दिया। हर्बल गार्डन से लेकर जन औषधि केंद्र के सामने से लेकर रैन बसेरा तक, ब्लड बैंक की ओर जाने वाली सड़क के किनारे पानी रहा। इस वजह से जन औषधि केंद्र पर दवा लेने जाने वाले लोगों को पानी में घुसकर जाना पड़ा।
डीएम चौराहा से विकास भवन को जाने वाली सड़क पर कचहरी कंपाउंड कॉलोनी के पीछे फुटपाथ पर काफी दूर तक जलभराव रहा। जबकि मैनपुरी अंडर पास में जलभराव होने की वजह से दिल्ली जाने वाली रोडवेज के दो बसें फंसने की खबर है। लेकिन रोडवेज के एआरएम डीएम सक्सेना ने अपनी किसी भी बस के फंसने की खबर से इंकार किया।
शहर में एक सप्ताह पूर्व भी सुबह जोरदार बारिश होने से अंडरपास में एक निजी बस फंस गई थी, जिसे नगर पालिका कर्मियों ने जेसीबी के जरिए पानी से बाहर निकाला था। मई महीने में शहर में तीसरी बार बारिश हुई। तीन व 18 मई के बाद शु्क्रवार को बारिश हुई। इसके अलावा शहर के कई अन्य मोहल्लों में जलभराव हो गया
करीब साढ़े तीन घंटे बाधित रही बिजली
सुबह करीब चार बजे हुई जोरदार बारिश की वजह से शहर की बिजली आपूर्ति करीब साढ़े तीन घंटे बाधित रही। जो कहीं- कहीं साढ़े छह बजे तो कहीं साढ़े सात बजे के बाद बिजली आई। जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली। उनके काम बाधित नहीं हुए। अधिशाषी अभियंता प्रथम श्रीप्रकाश ने बताया कि बारिश की वजह से सुबह करीब चार बजे बिजली बंद कर दी गई। दो से तीन घंटे बाद बिजली बहाल कर दी गई। बारिश की वजह से शहर में किसी तरह के बिजली उपकरण के खराब होने की जानकारी नहीं मिली है।
सब्जियों को नुकसान होने की आंशका नहीं
बारिश की वजह से सब्जियों के नुकसान होने की आशंका नहीं है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ.सुनील कुमार ने बताया कि बारिश होने के बाद मौसम खुलने और धूप निकलने से खेतों में पानी सूख गया। इस वजह से किसी सब्जी के नुकसान होने की आंशका कम ही है।