राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा 10 अगस्त को जैन धर्म में आत्म साधना हेतु महत्वपूर्ण सिद्धांत सल्लेखना को आत्महत्या करने जैसा अपराध घोषित एवं गोवा में दिगंबर जैन संत के विहार करने पर न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश का जैन समाज ने पुरजोर विरोध किया है।
सकल जैन समाज सोमवार को विरोध प्रदर्शन करेगा। संत श्री 108 सुंदर सागर महाराज ने जैन धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला जब तक वापस नहीं होता यह आंदोलन चलता रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर समाज के सभी देश भर में अनशन करेंगे। जैन धर्म के लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
अध्यक्ष संजू जैन, नशियां जी कमेटी के महामंत्री आकाशदीप जैन, महेश चंद्र रपरिया, चंद्रप्रकाश जैन, राकेश कुमार जैन, महावीर जैन, राकेश एलआईसी, प्रेमचंद्र जैन, सुदर्शन जैन ने संयुक्त रूप से बताया कि फैसले के विरोध में लालपुरा मंदिर परिसर से समाज के लोग एकत्र होकर जुलूस निकालेंगे।
नगर में भ्रमण करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय का विरोध करेंगे। नगर भ्रमण के बाद यह जुलूस नगर पालिका परिषद पर एक जनसभा में तब्दील होगा। उन्होंने कहा कि समस्त हिंदूवादी संगठन सल्लेखना प्रकरण में जैन समाज का सहयोग करें। सोमवार को जैन समाज के स्कूली छात्र-छात्राएं भी अपने स्कूल, कालेज नहीं जाएंगे।
जुलूस में नशियां जी कमेटी, साधु सेवा समिति, सची महिला मंडल, दिगम्बर जैन विकास समिति नया शहर, गुरू भक्त परिवार सहित पंसारी टोला, करनपुरा, छिपैटी, बरहीपुरा, कटरा, चौगुर्जी, सरायशेख, फूलन देवी डांडा जिनालयों की समितियां एक साथ एकत्र होकर अपना विरोध प्रकट करायेगी।
दिगंबर जैन विकास समिति के प्रदेेश अध्यक्ष सुदर्शन जैन एवं प्रदेश महामंत्री धर्मेंद्र कुमार जैन ने कहा कि देश व्यापी आंदोलन के तहत 24 अगस्त को जैन समाज के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद करके दोपहर 12 बजे जैन धर्मशाला लालपुरा पहुंचेंगे। आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के सानिध्य में विरोध प्रदर्शन एवं सभा में भाग लेंगे।