जैनेश्वर दीक्षा उत्सव व अक्षय तृतीया पर्व मंगलवार को आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया। लालपुरा स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार सुबह से ही धूमधाम शुरू हो गई।
दीक्षा कार्यक्रम में दो श्रावकों को मुनि और क्षुल्लक दीक्षा प्रदान की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ करनपुरा स्थित श्री शांति दिगंबर जैन मंदिर से प्रात: 6 बजे बिनौली शोभायात्रा निकाली गई।
इसमें दीक्षार्थी विनोद कुमार जैन एवं बृजेंद्र कुमार जैन रथ पर सवार थे। इसके साथ ही भगवान ऋषभदेव की पालकी को लिए रीतेश जैन, धर्मेंद्र जैन, कमल कुमार जैन आदि भी साथ चल रहे थे। शोभायात्रा छैराहा, पचराहा, राजागंज, महावीर मार्ग होते हुऐ लालपुरा स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। जहां युवाओं एवं समाज के लोगों ने भव्य स्वागत किया।
लालपुरा जैन मंदिर में प्रात: भगवान ऋषभदेव की पूजा अर्चना एवं जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दोपहर में जैनेश्वरी दीक्षा कार्यक्रम आचार्य श्री के सानिध्य में प्रारंभ हुआ। इसमें कानपुर के विनोद कुमार को मुनि दीक्षा दी गई।
मुनि दीक्षा के बाद आचार्य श्री ने इनका नाम मुनि श्री 108 सूर्ययश सागर रखा। इसके साथ ही बृजेंद्र को क्षुल्लक दीक्षा प्रदान की गई। जिसमें माता-पिता बनने का सौभाग्य अनूप कुमार जैन, पाद प्रछालन आनंद कुमार जैन कानपुर, कामंडल राजीव जैन ने भेंट किया। जबकि कैशलोच की बोली अभय कुमार जैन ने ली।
कार्यक्रम में अध्यक्ष संजीव जैन, महामंत्री महेश चंद्र रपरिया, आकाशदीप जैन, चंद्रप्रकाश जैन, राकेश जैन एलआईसी, अभय कुमार जैन, राजू जैन, दीपचंद्र जैन, विवेक जैन, महावीर जैन, राकेश कुमार जैन, आनंद बाब, भूपेंद्र जैन बैद्य, चक्रेश जैन, शैलेश जैन, अनिल कुमार जैन, चन्नी जैन, कमलेश जैन, विमलेश जैन समेत जैन समुदाय के लोग मौजूद रहे।