पारपट्टी क्षेत्र के ज्यादातर राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं। इससे सिंचाई की समस्या गंभीर हो गई है। इस क्षेत्र में सिंचाई के लिए ज्यादातर किसान राजकीय नलकूपों पर ही निर्भर हैं। हालत यह है कि किसी नलकूप का स्टार्टर खराब है तो किसी का मोटर। कई नलकूप ट्रांसफार्मर खराब होने से बंद हैं।
प्रदेश सरकार एक ओर किसानों को सिंचाई की सुविधा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करा रही है। वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृहजनपद में पारपट्टी के किसान सिंचाई के संकट से परेशान हैं। रविवार को नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता संटू ने पारपट्टी के कई गांवों का जायजा लिया। गढ़ायता, मिहौली, जरहौली, पुरा मुरोंग, सिलायता, पुरा तिलक सिंह, पुरा निधान सिंह सहित कई गांवों के लोगों ने उनसे राजकीय नलकूपों की दुर्दशा बयान की। किसानों ने बताया कि राजकीय नलकूपों पर आपरेटर बहुत कम आते हैं। ड्यूटी से बचने के लिए आपरेटर खुद नहीं चाहते हैं कि नलकूप चालू हों। वह कोई न कोई तकनीकी खराबी दिखाकर अपना बचाव कर लेते हैं। नलकूप बंद होने से किसानों को समय से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलता है।
चेयरमैन संटू गुप्ता ने कहा कि वह नलकूपों की खराबी और उनके नाम पर हो रहे गोरखधंधे के मामलों को लेकर जिलाधिकारी से मिलेंगे। जिलाधिकारी से नलकूपों से पानी की उपलब्धता एवं उनकी मरम्मत के नाम पर होने वाले खर्च की जांच करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि पारपट्टी के किसानों के साथ अन्याय करने वाले नलकूप खंड के अधिकारियों की शिकायत भी मुख्यमंत्री से करेंगे।