थाने में पोस्टिंग के दौरान जो सर्विस पिस्टल दरोगा को दी गई, उन्होंने तबादला के बाद उसे वापस जमा नहीं किया। आखिरकार दो साल बाद एसएसपी के आदेश पर भरथना थाने में सरकारी पिस्टल के गायब होने के मामले में दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
वर्ष 2010 से 2013 तक दरोगा हरिशंकर वर्मा भरथना थाने में तैनात रहे। पोस्टिंग के दौरान ही उन्हें थाने से सरकारी सर्विस पिस्टल दी गई। इसके बाद 2013 में उनका तबादला हो गया। तबादले के बाद दरोगा ने पिस्टल वापस करना मुनासिब नहीं समझा। बाद में जब मालखाने का रिकार्ड चेक हुआ तो एक सर्विस पिस्टल कम निकली।
जांच के बाद यह मामला खुला कि पिस्टल तो दरोगा हरिशंकर के पास है। वर्ष 2010 में ही भरथना थाने में तैनात रहे हेड मोहर्रिर जगमोहन ने इसकी शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी के आदेश पर सीओ सैफई ने मामले की जांच की और दरोगा को सर्विस पिस्टल जमा न करने का दोषी पाया। सीओ की रिपोर्ट आने के बाद हैड मोहर्रिर जगमोहन ने थाने में मामला दर्ज कराया है।