इटावा। सैफई के उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार ने विश्वविद्यालय के इमर्जेंसी ट्रामा एवं बर्न सेंटर, पैथोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री एवं ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। मरीजों के साथ तीमारदारों की अधिक संख्या देखकर नाराजगी जाहिर की। सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि एक मरीज के साथ एक तीमारदार को ही प्रवेश दें।
उन्होंने कहा कि सिर्फ विशेष परिस्थिति में ही एक से ज्यादा तीमारदारों को अस्पताल के अंदर प्रवेश दें। इमर्जेंसी में उन्होंने जरूरी दवाइयों तथा उपकरणों की भी जांच की। समय से जरूरी दवाएं एवं उपकरणों की उपलब्धता के लिए इमर्जेसी प्रभारी को निर्देश दिया।
कुलपति ने कहा कि अगले वर्ष के शुरुआत में विश्वविद्यालय के वाह्य रोग विभाग (ओपीडी) तथा अन्य विभिन्न चिकित्सा वार्डों में स्लाइड के माध्यम से स्क्रीन पर विभिन्न रोगों की जिसमें हेड इंजरी, कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर तथा अन्य संचारी एवं गैरसंचारी बीमारियों के बारे में मरीजों तथा उनके तीमारदारों को व्यापक जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कुछ विभागों में अनियमितता की शिकायत की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने गाइनी वार्ड में पुरुषों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि बिना किसी कारण के महिला वार्डों में पुरुषों का प्रवेश निषेध होगा। निरीक्षण के बाद प्रतिकुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से शिकायत मिल रही थी कि कुछ वार्डों में अनधिकृत रूप से मरीजों के परिजन बड़ी संख्या में मिलने आ जाते हैं। चिकित्सकों तथा संबंधित स्टाफ को इससे असुविधा होती है। अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से घूमते पाए जाने पर संबंधित से जुर्माना वसूला जाएगा। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, डॉ. एसपी सिंह, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी उमाशंकर, सहायक अभियंता केपी सिंह यादव, पीआरओ अनिल कुमार पांडेय आदि उपस्थित रहे।