इटावा। बढ़ती लागत और सीमित पूंजी के कारण व्यापारी वर्ग को सस्ते और सरल श्रण की सख्त आवश्यकता हे। बिना गारंटी ऋण की सीमा प्रधानमंत्री मुद्रा एवं सीजीटीएमएसई के तहत मिलने वाले ऋण को 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया जाए। यह बात बुधवार को व्यापारी संवाद कार्यक्रम में व्यापारी नेता धर्मेंद्र जैन ने कही।
उन्होंने कही कि एमएसई और लघु व्यापारियों को 2-3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाए। त्योहारी और सीजनल व्यापार के लिए विशेष कैपिटल पैकेज उपलब्ध कराए जाएं। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ( पंजी) जिला प्रभारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि वैट व्यवस्था समाप्त हुए 10 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है लेकिन आज भी हजारों व्यापारी पुराने वैट नोटिस पुर्न मूल्यांकन आदेश ब्याज और अर्थदंड के मामलों में फंसे हुए हैं। कार्यक्रम में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष लल्लू वारसी, युवा जिला महामंत्री रंजीत सिंह कुशवाहा, युवा प्रदेश मंत्री पंकज कुशवाहा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. हरिशंकर पटेल, जिला मंत्री यामीन आदि मौजूद रहे।