विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र डीसी सिंह ने धान मिल मालिक के अपहरण के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा व 25 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार मोतीगंज भरथना निवासी धान मिल मालिक गोविंद माहेश्वरी 3 दिसंबर 1999 को अपनी पत्नी वंदना माहेश्वरी के साथ अपने पुत्र वेदांत को ग्वालियर से लेकर भरथना लौट रहे थे।
उनका कार चालक कमलेश शर्मा गाडी चला रहा था। शाम करीब पौन 7 बजे भरथना मार्ग पर कंचन ईंट भट्ठा के समीप हार्न बजाकर कमलेश शर्मा ने रोक दी और कहा कि गाडी में कुछ खराबी आ गई है। तभी चार पांच बदमाश वहां पहुंचे और उन्होंने कार में सवार लोगों को जबरन उतार लिया। बदमाश गोविंद माहेश्वरी को मारपीट करते हुए खेतों की ओर लेकर चले गए।
इस संबंध में उनकी वंदना माहेश्वरी ने बकेवर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। धान मिल मालिक गोविंद 24 दिन बाद 4 लाख रुपये की फिरौती देकर छूटे। पुलिस ने विवेचना में कमलेश शर्मा, अमरसिंह, अरविंद कहार व अनवार खां के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए। गोविंद माहेश्वरी के बयान के आधार पर पुलिस ने अपहरण की धारा में चार्जशीट दाखिल की थी।
निर्णय से पूर्व अमर सिंह शाक्य इस मुकदमे से गैर हाजिर हो गया। जिसके विरुद्घ कुर्की का आदेश जारी किया गया है। जबकि अनवार के विरुद्घ कोई साक्ष्य न होने के कारण कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया। कमलेश शर्मा निवासी ब्रजराज नगर व अरविंद निवासी भरथना को अपहरण का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक मेहरबान सिंह यादव ने की।