पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व सपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव
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समाजवादी पार्टी में शीर्ष स्तर पर शुरू वर्चस्व की जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचने वाली है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को दो टूक कहा कि हालात न सुधरने तो 15 जून के बाद वह अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ मिलकर सेक्युलर मोर्चा का गठन कर राजनीति में अपनी अलग राह पकड़ लेंगे।
सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन में प्रेस कान्फ्रेंस में पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव के बयान पर शिवपाल ने कहा कि उन्होंने भले ही पार्टी का संविधान न पढ़ा हो, लेकिन पार्टी के संविधान रचयिता शकुनि को गीता जरूर पढ़ लेनी चाहिए। शिवपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद सौंपे जाने की सलाह दी। चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अखिलेश, पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह को दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद सौंपकर परिवार और पार्टी को एकजुट करें। ऐसा न हुआ तो 15 जून के बाद वह नया सेक्युलर मोर्चा बनाएंगे। हालांकि मोर्चा का स्वरूप व अन्य मुद्दों का उन्होंने अभी खुलासा नहीं किया। इस बारे में आगे जानकारी देने की बात कही। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की खबरों को गलत बताया।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीएम योगी दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति हैं। हालांकि कुछ अधिकारी अभी भी उनकी इच्छा के विपरीत काम कर रहे हैं। वह ऐसे अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा कर सीएम से उनकी कारगुजारियों की शिकायत करेंगे। यादव ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से उनकी कोई बात नहीं हुई है।
रामगोपाल पर तंज कसते हुए बोले, पार्टी के संविधान रचयिता के कारण ही लोकसभा चुनाव में प्रदेश में सपा को पांच सीटें और विधानसभा चुनाव में 229 सीटों से घटकर 47 सीटें रह गई। शिवपाल ने कहा कि सपा में नेताजी मुलायम सिंह यादव किसी के लिए कुछ भी हाें, लेकिन हमारे लिए वह सर्वोच्च हैं। सपा आज नेताजी के संघर्ष, लाखों गरीबों, मजदूरों और किसानों की मदद , सैकड़ों लोगों के बलिदान के कारण यहां तक पहुंची है। इसमें नेताजी का ही सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि तीन महीने बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पद मुलायम सिंह यादव को सौंपे जाने का वचन पूरा करते हुए अखिलेश पार्टी और परिवार को एकजुट करने का काम करें। तीन महीने हमने उन्हें दिए थे। जनवरी 2017 से अब तक लगभग पंाच महीने पूरे होने को हैं। एक महीना शेष है। माहभर बाद वह नेताजी के नेतृत्व में सेक्युलर ताकतों को एकजुट कर नया मोर्चा गठित करेंगे।