केंद्रीय समाज सेवा समिति के तत्वावधान में भरथना क्षेत्र के गांव खानपुर मिलिकिया में विश्व कैंसर दिवस पर जनजागरण शिविर का आयोजन किया गया। यहां कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान ग्वालियर के निदेशक डॉ. बीआर श्रीवास्तव ने कहा कि समाज में तेजी से फैलती जा रही कैंसर की बीमारी पर लोगों को जागरूक करके बहुत हद तक काबू पाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भ्रांतियों और डर के चलते लोग कैंसर के शिकार बन रहे हैं। यदि शुरुआत में ही लक्षण पहचान कर उपचार मिल जाए तो कैंसर भी साधारण बीमारियों की ही भांति पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसलिए जनजागरण के काम को तपस्या की तरह लेना चाहिए।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रतिवर्ष 10 से 11 लाख कैंसर के नए मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें से 6-7 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। इसका बड़ा कारण है कि कैंसर की बीमारी का जब तक पता चलता है, तब तक बहुत देर हो जाती है। लोग डर और भ्रांतियों के चलते कैंसर के लक्षणों को नजर अंदाज करते रहते हैं। जबकि मात्र सौ दो सौ रुपये में ही इसकी आसान जांच हो जाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं सांसद बाबू दर्शन सिंह यादव ने कहा कि कैंसर जैसी भयावह बीमारी के बचाव के संबंध में जनजागरण करना तपस्या जैसा कार्य है। आज गांव में इस क्षेत्र से जो भी माताएं-बहनें और भाई आए हैं, वे अधिक से अधिक लोगों के बीच जाकर इसकी जानकारी दें।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक थैलियों का प्रयोग बंद करें। शराब, गुटखा और फसलों में कीटनाशक दवाओं का प्रयोग भी रोकें तो बहुत हद तक हम बीमारी से बच सकते हैं। कार्यक्रम में ग्वालियर से आई टीम ने चित्र प्रदर्शनी व प्रोजेक्टर के माध्यम से कैंसर के लक्षण एवं बचाव की जानकारी दी।
कई मरीजों का परीक्षण कर उचित परामर्श दिया। इस दौरान सैफई रिम्स के डॉ. कैलाश मित्तल, डॉ. शिखा सेठ, टेक्निकल एसोसिएट राम कुमार दीक्षित, डॉ. शिवराज सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह यादव, रनवीर सिंह आदि ने विचार रखे। संचालन डॉ. लक्ष्मीपति वर्मा ने किया।