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दूध डेरी से बरामद हुए पोषाहार के सौ पैकेट

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गरीब बच्चों में बंटने वाला पोषाहार काली कमाई का जरिया बना हुआ है। सीडीपीओ की जांच में सती मोहल्ला स्थित एक दूध डेरी पर सौ पैकेट पोषाहार बरामद होने पर आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता और दूध डेरी की संचालिका के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है।
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शहरी क्षेत्र के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) उत्तम कुमार ने सती मोहल्ला स्थित दूध डेरी की संचालक ऊषा और पथवरिया आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता सलमा के खिलाफ पोषाहार के दुरुपयोग की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शिकायत मिलने पर सीडीओ ने सीडीपीओ को जांच के निर्देश दिए थे। 23 जून को सीडीपीओ पुलिस बल के साथ सती मोहल्ला में दूध डेरी पर जांच करने पहुंचे। मौ
के पर तीन बोरों में बच्चों को दिए जाने मीठे दलिया के 42 और नमकीन दलिया के 58 पैकेट बरामद हुए।
सीडीपीओ ने बताया कि यह पोषाहार पथवरिया आंगनबाड़ी केंद्र का है। तत्काल इस केंद्र पर जाकर पोषाहार रजिस्टर चेक किया, जिसमें तमाम खामियां मिली।
रजिस्टर पर मनमाने ढंग से अंगूठा लगवाया गया था। लाभार्थियों को कितने पैकेट दिए उसकी मात्रा का भी उल्लेख नहीं था।
जिन लाभार्थियों के नाम लिखे थे, उनका भौतिक सत्यापन किया तो अनम पुत्री अशफाक का अंगूठा निशान भिन्न मिला। फतिमा पुत्री साबिर ने मार्च के बाद पोषाहार न मिलने की बात कही।
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डीएम के अनुमोदन पर उक्त दोनों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं दूध डेरी पर पोषाहार मिलने पर ऊषा ने सफाई दी कि उसे फंसाने के लिए किसी ने उसकी डेरी पर लाकर यह पोषाहार फेंका है।
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हालांकि सीडीपीओ ने बताया कि पोषाहार के पैकेट छुपाने के लिए उन्हें सरकारी बोरी से निकाल कर सामान्य बोरों में रखा गया था। जिससे किसी की नजर न पड़े।
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