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सावन में शिव मंदिरों पर नहीं बज पा रहे घंटे

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फोटो संख्या 14 मंदिर के बाहर तैनात पुलिस - फोटो : ETAWHA
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कोरोना की वजह से इस बार सावन में मंदिरों से घंटों की गूंज नहीं सुनाई पड़ रही है। यह पहला मौका है जब सावन में शिव मंदिरों के कपाट बंद हैं और लोग मंदिर न जाकर घरों में पूजा अर्चना कर रहे हैं।
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सावन के दूसरे सोमवार को भी नगर के बड़े शिवालयों के कपाट बंद रहे। लालपुरा स्थित श्री नीलकंठ मंदिर के कपाट बंद रहे। साथ ही पुलिस कर्मी ड्यूटी पर रहे। इक्का दुक्का जो भी भक्त मंदिर आए उन्होंने मंदिर की सीढ़ियों से अर्जी लगाई।
मंदिर समिति के महामंत्री राजीव मिश्रा ने बताया कि भले ही सावन के सोमवार को मंदिर भक्तों की लिए कोरोना वायरस की वजह से बंद हों लेकिन अंदर सुबह और शाम आरती हो रही है।
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सुबह और दोपहर में अभिषेक किया जा रहा है। शाम को नीलकंठ भगवान का भव्य शृंगार भी किया जा रहा है। रात की आरती में मंदिर के ही कुछ लोग शामिल रहते हैं।
अन्य मंदिरों में प्राचीन शिव मंदिर, फ्रेंड्स कालोनी स्थित ज्ञान मंदिर जैसे कई अन्य शिव मंदिरों के कपाट बंद ही रहे।
सावन माह के दूसरे सोमवार को भी सरसईनावर स्थित हजारी महादेव मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद रहे।
जबकि, सैकड़ों श्रद्धालु महादेव के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे जिन्हें तैनात पुलिसकर्मियों ने वापस भेज दिया। हालांकि मंदिर समिति ने महादेव के शृंगार के दर्शन भक्तों ने सोशल मीडिया पर किए।
सरसईनावर हजारी महादेव मंदिर में प्रवेश के सभी रास्तों के अलावा ऊसराहार-सरसईनावार मार्ग पर पहले से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। वहीं मंदिर समिति ने दूसरे सोमवार को हजारी महादेव का दुग्ध, गंगाजल, इक्षु से वेदमंत्रों के साथ रुद्राभिषेक किया और बेलपत्रों एवं फूलों से आकर्षक शृंगार किया।
समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह, राजकपूर, सुरेश तिवारी, महंत सियाराम दास ने महादेव को पंचामृत स्नान कराकर भक्तों को सोशल मीडिया के माध्यम से दर्शन कराए। मंदिर के महंत सियाराम दास ने भक्तों से हजारी महादेव मंदिर के फेसबुक पेज पर दर्शन की अपील की।
शिवालयों के कपाट बंद होने से श्रद्धालुओं ने सीढ़ियों पर पूजा-अर्चना की। ग्राम रमायन स्थित प्राचीन शिव मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने सीढ़ियों फल-फूल-बेलपत्र आदि चढ़ाए।
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