लायन सफारी में जानवरों को गोद लेने की योजना पर राजनीति गर्माने लगी है। कांग्रेस और सपा ने जहां सफारी को लेकर भाजपा सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं।
वहीं भाजपा ने इस मामले में विपक्षियों को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा का मानना है कि सफारी की व्यवस्थाओं पर सरकार पूरा ध्यान दे रही है। सारी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही है।
लायन सफारी प्रशासन ने सफारी की ब्रांडिंग कराने और आय के श्रोत बढ़ाने के उद्देश्य से शेरों और अन्य जानवरों को गोद लेने की योजना पर काम शुरू किया था। इस योजना की भनक लगते ही कांग्रेस और सपा ने भाजपा सरकार पर लायन सफारी की उपेक्षा के आरोप लगाने शुरू कर दिए।
कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष उदयभान सिंह ने कहा कि यह योजना सफारी को निजी क्षेत्र में सौंपने की कोशिश का हिस्सा है। वहीं सपा जिला अध्यक्ष गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार राजनैतिक बदले की भावना से काम कर रही है। सफारी को पर्याप्त बजट नहीं दे रही है।
भाजपा सदर विधायक सरिता भदौरिया ने इस पूरे मामले में विपक्षियों पर गलत बयानी कर सरकार की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वन्य जीवों के रहन सहन और खान पान में बजट की कोई समस्या नहीं है। सफारी को लेकर भाजपा सरकार पूरी तरह से संजीदा है।
वहीं इस बारे में निदेशक सफारी पार्क राजीव मिश्रा का कहना है कि शासन का जो भी आदेश आएगा। उसका पालन किया जाएगा।फिलहाल सरकार से आर्थिक सहयोग मिल गया है।