चकरनगर। चकरनगर के गांवों की बदहाली 23 मार्च को सदन में उठी। इसके बाद सड़क बनने की उम्मीद भी जगी है। सांसद जितेंद्र दोहरे ने सदन में बताया था कि चंबल सेंचुअरी क्षेत्र में आने वाले कायंछी, नगला महानंद, बिरोना बाग, कोटरा और गुरभेली सहित सामाजिक वानिकी के तेलियन खोड़न, नौरगा खोड़न और गोहरा जैसे गांवों में आज भी पक्की सड़क नहीं है। उन्होंने सरकार से सेंचुरी विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की प्रक्रिया को सरल कर जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की थी। मुद्दा संसद में उठते ही लोक निर्माण विभाग ने कागजी कार्रवाई तेज कर दी है।
सेंचुअरी की डीएफओ चांदनी सिंह ने बताया कि कायंछी गांव के लिए सड़क निर्माण की एनओसी प्रक्रिया पूरी कर केंद्र को भेज दी गई है। अब विभाग की ओर से कोई अड़चन नहीं है। अन्य गांवों के आवेदन मिलते ही उन्हें भी तत्काल शासन को भेजा जाएगा। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन संजीव कुमार ने बताया कि कायंछी गांव के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अनुमति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। यदि मार्च के अंत तक अनुमति मिल जाती है तो कार्य तत्काल होगा, वरना नए वित्तीय वर्ष में प्रक्रिया फिर से शुरू करनी होगी।