जसवंतनगर। ग्राम जैनपुर नागर में चल रही बौद्ध भीम कथा में मंगलवार को कथा वाचक आंबेडकर ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के पिता रामजी मालोजी सकपाल के निधन से जुड़ा प्रंसग सुनाया। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रामजी सकपाल ने अपने पुत्र को उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प निभाया। कथा में पिता के निधन का प्रसंग सुनाते ही सभी की आंखें नम हो गईं। प्रेमा आंबेडकर ने कहा कि यह घटना बाबा साहेब के जीवन के सबसे दुखद क्षणों में से एक थी, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया लेकिन उन्होंने अपने पिता के सपनों को पूरा करने का संकल्प और भी मजबूत किया। इस दौरान दिनेश कुमार, रामगोपाल, अर्जुन सिंह, हुकुम सिंह, भीम प्रकाश, आनंदप्रिय गौतम, कैलाश बाबू, राजेंद्र सिंह, भारत सिंह, अकल सिंह आदि मौजूद रहे। (संवाद)