इटावा। जिला अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से स्वास्थ्य बेपटरी पर हो गई हैं। सीएमएस ने मरीजों को परेशान न होना पड़े, इसलिए स्थायी डॉक्टरों की ड्यूटी अन्य ओपीडी में लगा दी है। इससे डॉक्टर मरीज को देखकर सामान्य दवाएं लिख रहे हैं। वहीं, मेडिसिन, फिजीशियन आदि की कमी होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों को रोग विशेषज्ञ डॉक्टर न मिलने पर निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। साथ ही संविदा कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से जांच व टीकाकरण कार्य प्रभावित हो रहा है।
सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को देखते हुए अन्य विभागों में तैनात स्थायी डॉक्टरों को मेडिसिन व फिजीशियन की ओपीडी में तैनात कर दिया है। इस दौरान डॉक्टर मरीजों की समस्याएं सुनकर उन्हें सामान्य दवाएं तो दे रहे हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। कई मरीज दूसरे विभाग के डॉक्टर देखकर दवा नहीं ले रहे हैं। अस्पताल परिसर में संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से पर्चा बनाने, दवा वितरण और जांच लैब जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित हो रही हैं।
मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। पुरुष जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने कहा कि मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए उपलब्ध संसाधनों के साथ हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त नहीं होती, तब तक स्थायी डॉक्टरों को इसी तरह अन्य विभागों में समायोजित करके स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी।